BY: Yoganand Shrivastva
इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग में तैनात राजनयिकों और कर्मचारियों को लेकर पाकिस्तान ने एक नई विवादित कार्रवाई शुरू की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान ने भारतीय अधिकारियों और उनके परिवारों के लिए पानी और गैस जैसी बुनियादी सुविधाओं की आपूर्ति में अड़चन डालनी शुरू कर दी है।
आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति रोकी गई
सूत्रों के मुताबिक, भारतीय उच्चायोग परिसर में सुई नॉर्दर्न गैस पाइपलाइन्स लिमिटेड (SNGPL) की पाइपलाइन गैस की सप्लाई जानबूझकर बंद कर दी गई है। नतीजतन, वहां मौजूद राजनयिकों को महंगे दामों पर खुले बाजार से गैस खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
सिर्फ पाइपलाइन गैस ही नहीं, बल्कि स्थानीय विक्रेताओं को भी पाकिस्तानी अधिकारियों ने एलपीजी सिलेंडर और पैकेज्ड पीने का पानी भारतीय उच्चायोग कर्मचारियों को न बेचने की धमकी दी है। यहां तक कि स्थानीय अखबार की सप्लाई भी रोक दी गई है।
वियना कन्वेंशन का उल्लंघन
राजनयिकों के कामकाज और उनके आवास की सुविधा सुनिश्चित करने वाले अंतरराष्ट्रीय समझौते—वियना कन्वेंशन—के मुताबिक, मेज़बान देश को राजनयिकों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य है। पाकिस्तान की यह हरकत इस समझौते का स्पष्ट उल्लंघन मानी जा रही है।
हालिया तनाव की पृष्ठभूमि
भारत और पाकिस्तान के बीच 2019 के पुलवामा हमले और बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद से कोई उच्चस्तरीय वार्ता नहीं हुई है। हाल ही में “ऑपरेशन सिंदूर” और सिंधु जल संधि पर भारत के सख्त रुख के चलते दोनों देशों के संबंधों में और तल्खी आई है।





