रिपोर्टर: प्रशांत जोशी
घटनाक्रम:
कांकेर जिले के ग्रामीण अंचल जामगांव में ईसाई समुदाय द्वारा शव दफनाने को लेकर कल रोष फैला। ग्रामीणों ने रविवार की शाम से विरोध शुरू किया, और सोमवार सुबह गांव की सभी दुकानों को बंद कराया गया। यह विरोध सोमवार सुबह से और भी तेज हो गया। स्थानीय लोगों का आरोप था कि मृतक का अंतिम संस्कार चर्च कैंपस में किया जा रहा है। उन्होंने शव को वहाँ से बाहर निकालने की मांग की जिसके चलते शुरू हुआ विवाद।
हिंसक रूप किस समय लिया:
विवाद के बीच भीड़ ने अचानक चर्च में तोड़फोड़ कर दी, जिसके कारण चर्च के भीतर की कई व्यवस्थाएं क्षतिग्रस्त हुईं। चर्च परिसर के भीतर सोफे, पादरी की सामग्री और अन्य धार्मिक वस्तुएँ प्रभावित हुईं।
प्रशासन की प्रतिक्रिया:
प्रशासन ने समय रहते पुलिस बल और स्थानीय अधिकारियों की तैनाती कर मामले को शांत करने का प्रयास किया। जिला प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की और घटनास्थल पर स्थिति नियंत्रण में रखने हेतु अतिरिक्त सुरक्षा भेजी गई। साथ ही, मामले की जांच के लिए एक न्यायिक/विशेष समिति गठित की गई है।
पृष्ठभूमि:
कई बार धर्मांतरण के आरोप के चलते छत्तीसगढ़ और आसपास के जिलों में विवादों का सामना करना पड़ा है। पिछले वर्षों में भी चर्चों पर हमले और हिंसा की घटनाएँ सामने आई थीं, जैसे रायपुर के टाटीबंध चर्च में तोड़फोड़, जहाँ बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने धर्मांतरण के आरोप लगाते हुए हंगामा किया था।





