रिपोर्टर: सुरेन्द्र सोरेन
राजधानी रांची में आज पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की 27वीं बैठक का आगाज़ हुआ, जिसकी अध्यक्षता स्वयं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कर रहे हैं। बैठक की शुरुआत से पहले झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गृह मंत्री का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें बैठक स्थल तक स्वयं लेकर पहुंचे।
यह महत्वपूर्ण बैठक पूर्वी भारत के चार राज्यों – झारखंड, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल – की साझा रणनीतिक विषयों पर चर्चा के लिए आयोजित की गई है। इसमें राज्यों के मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही।
बुधवार को रांची पहुंचे थे गृह मंत्री
बैठक से एक दिन पूर्व ही बुधवार शाम को केंद्रीय गृह मंत्री रांची पहुंच गए थे। उनकी इस यात्रा को क्षेत्रीय सुरक्षा, विकास योजनाओं की प्रगति और अंतर-राज्यीय समन्वय की दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।
उपस्थित गणमान्य प्रतिनिधि
इस बैठक में सभी चार राज्यों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधि मौजूद हैं:
- ओडिशा की ओर से खुद मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी भाग ले रहे हैं।
- बिहार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं मंत्री विजय चौधरी और सम्राट चौधरी।
- पश्चिम बंगाल की ओर से मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य बैठक में शामिल हैं।
इन विषयों पर होगी गहन चर्चा
पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की इस बैठक का मुख्य फोकस नक्सल समस्या, आंतरिक सुरक्षा, सीमा विवाद, और केंद्रीय योजनाओं की प्रगति पर है। राज्यों के बीच आपसी समन्वय, संसाधनों का न्यायसंगत बंटवारा और विकास योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से उतारने के विषयों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया जा रहा है।
क्षेत्रीय परिषद की भूमिका
गौरतलब है कि क्षेत्रीय परिषदें केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल के लिए एक महत्त्वपूर्ण मंच होती हैं। इन बैठकों के माध्यम से राज्यों के साझा मुद्दों पर समाधान निकालने का प्रयास किया जाता है, खासकर उन विषयों पर जो एक राज्य से दूसरे राज्य तक प्रभाव डालते हैं।
पूर्वी भारत के विकास और सुरक्षा से जुड़े मसलों पर संवाद का यह मंच एक महत्वपूर्ण पहल है। गृह मंत्री की अगुवाई में हो रही यह बैठक न केवल प्रशासनिक समन्वय को मजबूती देगी, बल्कि राज्यों के बीच सहयोग की भावना को भी सशक्त बनाएग





