पंजाब में बड़ा खुलासा: मां-बेटे ने IAF का एयरस्ट्रिप बेच दिया, 27 साल बाद मामला उजागर

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पंजाब एयरस्ट्रिप बिक्री मामला

पंजाब में भारतीय वायुसेना (IAF) की संपत्ति से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक मां-बेटे की जोड़ी पर धोखे से वायुसेना का वह एयरस्ट्रिप बेचने का आरोप लगा है, जिसका इस्तेमाल भारत-पाकिस्तान के तीन बड़े युद्धों में हुआ था। यह एयरस्ट्रिप दूसरे विश्व युद्ध के दौरान बनाया गया था।

27 साल बाद सामने आया मामला

यह पूरा मामला 1997 का है, लेकिन इस पर कार्रवाई अब जाकर हुई है। पंजाब के फिरोजपुर जिले के डूमनी वाला गांव की रहने वाली उषा अंसल और उनके बेटे नवीन चंद पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी कर यह एयरस्ट्रिप बेच दी थी।

कहां स्थित है यह एयरस्ट्रिप?

यह एयरस्ट्रिप पंजाब के फत्तूवाला गांव में स्थित है, जो भारत-पाकिस्तान सीमा के नजदीक है। इसे द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान तैयार किया गया था। इसके बाद 1947-48, 1965 और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्धों में भारतीय वायुसेना ने इसका इस्तेमाल अग्रिम लैंडिंग ग्राउंड के तौर पर किया था।

कैसे हुआ घोटाला?

  • साल 1997 में उषा अंसल और उनके बेटे नवीन ने राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए।
  • इन दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने एयरस्ट्रिप की ज़मीन पर अवैध रूप से मालिकाना हक जताया।
  • इसके बाद इस जमीन को बेच दिया गया।
  • पूरे मामले में राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत की भी बात सामने आई है।

मामले का खुलासा कैसे हुआ?

पंजाब के निवासी निशान सिंह ने पूरे मामले की शिकायत पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में की थी। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए पंजाब विजिलेंस ब्यूरो को जांच के आदेश दिए। जांच में दस्तावेजों में फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई।

आखिरकार जमीन वापस IAF को मिली

हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद पिछले महीने एयरस्ट्रिप की ज़मीन दोबारा भारतीय वायुसेना को सौंप दी गई। इसके साथ ही मां-बेटे के खिलाफ धोखाधड़ी, पहचान छिपाकर प्रॉपर्टी हड़पने, जालसाजी और आपराधिक साजिश की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।

अफसरों की भी बड़ी लापरवाही

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब हलवारा एयरफोर्स स्टेशन के कमांडेंट ने स्थानीय प्रशासन से शिकायत की थी, तब भी जिला प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। अगर समय रहते कदम उठाए जाते, तो यह घोटाला इतनी लंबी अवधि तक दबा नहीं रहता।

वर्तमान में क्या स्थिति है?

फिलहाल, डीएसपी करन शर्मा इस मामले की जांच कर रहे हैं। शुरुआती जांच में कई और राजस्व अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि जल्द ही और गिरफ्तारी हो सकती हैं।


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