रिपोर्ट – प्रांशु क्षत्रिय
बिलासपुर जिले के कोटा थाना क्षेत्र में सागौन लकड़ी की अवैध कटाई को लेकर रविवार रात एक सनसनीखेज घटना सामने आई। वन विकास निगम की टीम पर लकड़ी तस्करों ने हमला कर दिया, जिसमें डिप्टी रेंजर अरविंद बंजारे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बिलासपुर रेफर किया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
सूत्रों के अनुसार, वन विभाग की टीम सेमरिया बीट में अवैध सागौन कटाई की सूचना पर कार्रवाई के लिए रात करीब 12 बजे जंगल में सर्चिंग कर रही थी। इसी दौरान टीम ने कुछ तस्करों को ट्रैक्टर और पिकअप वाहन में सागौन लकड़ी लोड करते देखा। जब टीम ने उन्हें घेरने की कोशिश की, तभी तस्करों ने कुल्हाड़ी और लोहे की रॉड से हमला कर दिया।
हमले के दौरान वनकर्मियों को जान बचाकर भागना पड़ा, लेकिन डिप्टी रेंजर अरविंद बंजारे पीछे छूट गए। तस्करों ने उन्हें पकड़कर बुरी तरह पीटा। उनके शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। साथी वनकर्मियों ने उन्हें किसी तरह जंगल से बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तस्करों द्वारा छोड़े गए 17 सागौन के लट्ठे, एक ट्रैक्टर और एक पिकअप वाहन को जब्त कर लिया है। जब्त किए गए वाहनों के आधार पर तस्करों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और तस्करों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि वन क्षेत्रों में तस्करों का नेटवर्क कितना मजबूत और खतरनाक होता जा रहा है। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से ही इस प्रकार के अपराधों पर लगाम लगाई जा सकती है।





