उत्तर प्रदेश पुलिस के नए कार्यवाहक डीजीपी के तौर पर राजीव कृष्ण का नाम सामने आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। जानिए कौन हैं राजीव कृष्ण, उनका पुलिस करियर कैसा रहा है, और क्यों उन्हें यूपी का डीजीपी बनाया गया है।
राजीव कृष्ण का पुलिस सफर: तीन दशकों का अनुभव
राजीव कृष्ण 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और नोएडा के निवासी हैं। उनका पुलिस सेवा का अनुभव करीब 30 वर्षों से अधिक है। वे प्रदेश के सबसे कर्मठ, साहसी और भरोसेमंद अफसरों में गिने जाते हैं।
प्रमुख पद और जिम्मेदारियां
- वर्तमान में वे पुलिस भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष और डीजी इंटेलिजेंस के पद पर कार्यरत हैं।
- पहले बरेली, कानपुर, अलीगढ़, फिरोजाबाद, मथुरा, बुलंदशहर, आगरा, लखनऊ जैसे शहरों में ASP और SSP के रूप में तैनात रहे।
- लखनऊ डीआईजी और मेरठ रेंज के आईजी भी रह चुके हैं।
- 2018 में लखनऊ जूनियर एडीजी और आगरा जोन के एडीजी पद संभाला।
योगी सरकार में राजीव कृष्ण की खास भूमिका
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सबसे भरोसेमंद अफसरों में से एक माने जाने वाले राजीव कृष्ण ने कई अहम मामलों में सरकार का विश्वास जीतकर अपनी योग्यता साबित की है। खासकर उत्तर प्रदेश में पेपर लीक जैसे संवेदनशील मामलों में भर्ती प्रक्रिया की जिम्मेदारी उन्हें दी गई, जिसे उन्होंने सफलतापूर्वक निभाया।
उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी प्रतिष्ठित है; उनकी पत्नी एक आईआरएस अधिकारी हैं, जो लखनऊ में तैनात हैं।
कार्यवाहक डीजीपी बनने की वजह क्या है?
राजीव कृष्ण को फिलहाल कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया है क्योंकि वे यूपी पुलिस अफसरों की काडर लिस्ट में 12वें नंबर पर हैं। इस वजह से लोक सेवा आयोग से स्थायी डीजीपी बनने की मंजूरी अभी नहीं मिली है। मार्च 2026 तक कई डीजी रैंक के अफसर रिटायर होने के बाद उन्हें स्थायी पद मिलने की संभावना है।
राजीव कृष्ण के बारे में जानने योग्य अन्य तथ्य
- उनका आईपीएस कैरियर 1991 से शुरू हुआ।
- 10 मार्च 1997 को उन्हें पहली बार फिरोजाबाद का एसपी बनाया गया था।
- उनके कार्यक्षेत्र में यूपी के कई बड़े जिलों का पुलिस प्रबंधन शामिल रहा है।
Also Read: शॉकिंग! भारत ने कबूला फाइटर जेट नुकसान
निष्कर्ष
राजीव कृष्ण का नाम उत्तर प्रदेश पुलिस के नए नेतृत्व के रूप में सामने आना एक संकेत है कि प्रदेश सरकार पुलिस सुधार और बेहतर प्रशासन को लेकर गंभीर है। उनके अनुभव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मजबूत विश्वास के कारण वे राज्य की कानून व्यवस्था को और सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।





