मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से कांग्रेस विधायक देवेंद्र पटेल के दो साल के पोते का अपहरण कर लिया गया था। हैरानी की बात ये है कि इस वारदात को अंजाम देने वाले कोई और नहीं, बल्कि परिवार के ही सदस्य निकले। हालांकि, पुलिस की तेज़ कार्रवाई के चलते बच्चे को 24 घंटे के भीतर छिंदवाड़ा जिले से सकुशल बरामद कर लिया गया।
📍 कहां से हुआ अपहरण और कहां मिला बच्चा?
- स्थान: बेगमगंज तहसील, रायसेन जिला
- मिला: तामिया, छिंदवाड़ा जिला
- दूरी: लगभग 200 किलोमीटर
बच्चा गुरुवार सुबह अपने घर के आंगन में खेल रहा था, तभी वह अचानक गायब हो गया। जब परिवार ने उसे आसपास खोजा लेकिन नहीं मिला, तो पुलिस को सूचना दी गई।
🧩 पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई
जैसे ही अपहरण की सूचना मिली, रायसेन पुलिस हरकत में आई। एसपी पंकज कुमार पांडेय के नेतृत्व में 10 टीमों का गठन हुआ।
कार्रवाई का क्रम:
- एक आरोपी को घर के पास से गिरफ्तार किया गया
- पूछताछ में खुलासा हुआ कि अपहरणकर्ता रिश्तेदार ही हैं
- पूछताछ से मिली लोकेशन जानकारी
- छिंदवाड़ा के तामिया से बच्चा बरामद
पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार, अपहरणकर्ता फिरौती की मांग भी कर चुके थे, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस करने में मदद मिली।
😱 पैसों का लालच बना अपहरण की वजह
रायसेन एसपी ने बताया कि विधायक देवेंद्र पटेल के चचेरे भाई के बेटे का अपहरण उन्हीं के रिश्तेदारों ने पैसों के लिए किया था। आरोपी बच्चे को घर से ही उठा ले गए थे और बाद में फिरौती मांगने लगे।
✅ बच्चा सुरक्षित, परिवार ने जताया आभार
जब पुलिस शुक्रवार सुबह बच्चे को लेकर गांव पहुंची तो परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने पुलिस का आभार जताया और बच्चे का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।
🧠 क्या सीख मिलती है इस घटना से?
- घर के आसपास खेलने वाले बच्चों पर नजर बनाए रखें
- रिश्तों पर भरोसा ज़रूरी है लेकिन सतर्कता उससे भी ज़्यादा
- किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें
🔎 इस मामले से जुड़े जरूरी सवाल और उनके जवाब
1. अपहरण किसने किया?
विधायक के ही करीबी रिश्तेदारों ने बच्चे का अपहरण किया।
2. पुलिस को बच्चे तक कैसे पहुंच मिली?
फिरौती की मांग के बाद पुलिस को मोबाइल ट्रैकिंग से लोकेशन का पता चला।
3. कितनी देर में बच्चा बरामद हुआ?
पुलिस ने 21 घंटे के भीतर बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया।
🔖 निष्कर्ष
कांग्रेस विधायक के पोते का अपहरण एक सदमा देने वाली घटना थी, लेकिन राहत की बात यह रही कि मध्य प्रदेश पुलिस की तत्परता से बच्चा सुरक्षित वापस लौट आया। यह घटना एक चेतावनी भी है कि रिश्तों की आड़ में भी अपराध पनप सकता है और हमें अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना चाहिए।
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