रिपोर्टर: अभिषेक सिंह
भानुप्रतापपुर दुर्गुकोंदल क्षेत्र में रेत का अवैध उत्खनन दिनोंदिन विकराल रूप लेता जा रहा है। पूरे जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
स्थानीय ग्रामीण लगातार इस अवैध गतिविधि का विरोध कर रहे हैं। वे सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन भी कर चुके हैं, परंतु न तो राजस्व विभाग और न ही खनिज विभाग ने कोई जिम्मेदारी ली है। दोनों ही विभाग एक-दूसरे पर दोष मढ़ते नजर आ रहे हैं।
बड़ी बात यह है कि जिन रेत माफियाओं के पास कोई वैध लीज नहीं है, वे फिर भी बेखौफ होकर नदियों से खुलेआम रेत का दोहन कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ये माफिया उन्हें धमकाते हैं और कहते हैं—”जहां शिकायत करनी है करो, हमने सभी अधिकारियों को मैनेज कर रखा है।”
इस प्रकार का खुला दावा न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि प्रशासनिक तंत्र में कहीं न कहीं मिलीभगत या लापरवाही है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर कब तक मौन रहता है और क्या वास्तव में दोषियों के खिलाफ कोई सख्त कदम उठाया जाएगा।




