BY: VIJAY NANDAN
नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की अहम बैठक आज शाम दिल्ली स्थित मुख्यालय में होगी। इस बैठक में दो प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दों—पहलगाम आतंकी हमले और आगामी जनगणना में जातिगत आंकड़ों को शामिल करने को लेकर—गंभीर चर्चा की जाएगी।
पार्टी के वरिष्ठ नेता और महासचिव जयराम रमेश ने गुरुवार को बताया कि कार्यसमिति की यह बैठक आज शाम 4 बजे होगी और इसमें इन दोनों संवेदनशील विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस कार्यसमिति बैठक में पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग और जातिगत जनगणना को जल्द से जल्द लागू करने के लिए धन आवंटन की सिफारिश करते हुए प्रस्ताव पारित किया जा सकता है।

जयराम रमेश ने बताया, “सबसे महत्वपूर्ण विषय पहलगाम में हुआ आतंकी हमला है। जिन परिवारों ने इस हमले में अपनों को खोया है, वे इंसाफ मांग रहे हैं। देश भी केंद्र सरकार की कार्रवाई का इंतजार कर रहा है।”
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बैठक में संविधान संशोधन के जरिए आरक्षण की 50 प्रतिशत सीमा हटाने की मांग भी उठ सकती है। साथ ही, निजी शिक्षण संस्थानों में आरक्षण के प्रावधान को लागू करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 15(5) को प्रभावी बनाने का आग्रह सरकार से किया जा सकता है।
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब केंद्र सरकार ने हाल ही में घोषणा की है कि आगामी जनगणना में स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार जातिगत विवरण भी शामिल किया जाएगा। गौरतलब है कि इससे पहले 24 अप्रैल को भी कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक पहलगाम हमले के मद्देनजर बुलाई गई थी।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस विषय पर सरकार को घेरते हुए कहा था कि 22 अप्रैल को हुए हमले के दोषियों को सख्ती से सज़ा मिलनी चाहिए और प्रधानमंत्री को तत्काल निर्णायक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हमले में मारे गए 26 लोगों में ज़्यादातर पर्यटक थे।
जातिगत जनगणना को लेकर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह निर्णय कांग्रेस के लंबे संघर्ष और दबाव का नतीजा है। हालांकि उन्होंने सरकार से इस फैसले की समयसीमा स्पष्ट करने की मांग की, साथ ही आशंका जताई कि कहीं यह निर्णय भी महिला आरक्षण विधेयक की तरह लंबित न रह जाए।
राहुल गांधी, जो लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं, का मानना है कि जाति आधारित जनगणना की दिशा में कांग्रेस के लगातार दबाव का असर सरकार पर साफ दिखाई दे रहा है।
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में इन मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है:
1. लोकसभा चुनावों की रणनीति और उम्मीदवारों की समीक्षा
- आगामी चुनावों के मद्देनज़र अब तक घोषित उम्मीदवारों की स्थिति का विश्लेषण।
- विभिन्न राज्यों में कांग्रेस की स्थिति और गठबंधन सहयोगियों के साथ तालमेल की समीक्षा।
2. महंगाई और बेरोजगारी
- देश में बढ़ती महंगाई, आवश्यक वस्तुओं की कीमतों और युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर केंद्र सरकार को घेरने की रणनीति।
3. कृषि और किसानों के मुद्दे
- न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गारंटी कानून की मांग।
- किसानों के हालात, कर्जमाफी और फसलों के नुकसान की भरपाई पर चर्चा।
4. संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर खतरा
- न्यायपालिका, चुनाव आयोग और मीडिया की स्वतंत्रता को लेकर चिंता।
- सरकार द्वारा एजेंसियों के “दुरुपयोग” का मुद्दा उठाया जा सकता है।
5. अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत की भूमिका
- पाकिस्तान के साथ तनाव, चीन के साथ सीमा विवाद और भारत की विदेश नीति पर विचार।
- विश्व मंच पर भारत की छवि और सरकार की कूटनीतिक नीतियों का मूल्यांकन।
6. अल्पसंख्यकों और सामाजिक न्याय से जुड़े विषय
- अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ बढ़ती घटनाओं पर चिंता।
- सामाजिक न्याय की दिशा में कांग्रेस की रणनीति का दोहराव।





