विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) भारतीय शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण हैं। उनके निवेश के फैसले देश की आर्थिक संभावनाओं और कंपनियों के प्रदर्शन को दर्शाते हैं। चौथे तिमाही (Q4 FY2025) में FIIs ने जिन 5 स्टॉक्स में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, उन पर एक नजर:
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1. CSB बैंक
- बिजनेस मॉडल: केरल में मजबूत उपस्थिति वाला यह 98 साल पुराना प्राइवेट बैंक SME, रिटेल और NRI ग्राहकों पर फोकस करता है।
- FII हिस्सेदारी: Q3 में 12.80% से बढ़कर Q4 में 13.07% हुई।
2. आजाद इंजीनियरिंग
- बिजनेस मॉडल: एयरोस्पेस, डिफेंस और ऊर्जा क्षेत्रों के लिए क्रिटिकल कंपोनेंट्स बनाती है।
- FII हिस्सेदारी: Q3 में 9.98% से उछालकर Q4 में 14.91% हो गई।
3. ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स इंडिया
- बिजनेस मॉडल: पावर ट्रांसफॉर्मर और स्पेशलाइज्ड इलेक्ट्रिकल उपकरणों का निर्माण।
- FII हिस्सेदारी: Q3 के 11.08% से बढ़कर Q4 में 11.33% हुई।
4. मार्कसैन्स फार्मा
- बिजनेस मॉडल: फार्मास्युटिकल्स का रिसर्च, मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल मार्केटिंग।
- FII हिस्सेदारी: Q3 में 21.95% से Q4 में 22.19% तक पहुंची।
5. पारादीप फॉस्फेट्स
- बिजनेस मॉडल: नॉन-यूरिया फर्टिलाइजर का दूसरा सबसे बड़ा प्राइवेट निर्माता।
- FII हिस्सेदारी: Q3 के 5.40% से बढ़कर Q4 में 7.17% हो गई।
निवेशकों के लिए नोट:
- FIIs का बढ़ता हिस्सा कंपनी के ग्रोथ आउटलुक का संकेत हो सकता है, लेकिन यह अकेला पैरामीटर नहीं है।
- सेक्टरल ट्रेंड्स, कंपनी के फंडामेंटल्स और मार्केट वॉल्यूम को भी ध्यान में रखें।
- निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।





