Itchy Red Eyes Causes : आंखों में खुजली, लालिमा, जलन और पलकों के किनारों पर पपड़ी जमने जैसी समस्याओं को अक्सर लोग मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। कई बार सुबह उठने पर पलकें चिपकी हुई मिलती हैं या आंखों में पानी आने लगता है। ऐसी स्थिति में लोग आंखों को पानी से धोकर राहत पाने की कोशिश करते हैं, लेकिन बार-बार होने वाले इन लक्षणों के पीछे कोई बीमारी भी हो सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, समय रहते समस्या के कारण की पहचान करना और सही देखभाल करना जरूरी है।
आंखों में खुजली और लालिमा होने की क्या है वजह?
द्वारका स्थित डॉ. अग्रवाल आई हॉस्पिटल की मोतियाबिंद विशेषज्ञ डॉ. अमीता कौल के अनुसार, आंखों में खुजली, लालिमा और पलकों पर पपड़ी जमने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें ब्लेफेराइटिस, एलर्जी, ड्राई आई और कंजंक्टिवाइटिस प्रमुख हैं। सही कारण की पहचान के बाद ही उचित उपचार किया जा सकता है।
Itchy Red Eyes Causes : ब्लेफेराइटिस के कारण पलकों पर जमती है पपड़ी
ब्लेफेराइटिस पलकों के किनारों पर होने वाली सूजन है। पलकों की जड़ों के आसपास मौजूद तेल ग्रंथियां बंद होने या वहां बैक्टीरिया बढ़ने से यह समस्या हो सकती है। इसके कारण पलकों के किनारों पर रूसी जैसी पपड़ी जमने लगती है। आंखों में जलन, खुजली और पलकों में सूजन भी हो सकती है। जिन लोगों को सिर में रूसी या चेहरे पर रोज़ेशिया की समस्या रहती है, उनमें ब्लेफेराइटिस की परेशानी अधिक देखी जा सकती है।
Itchy Red Eyes Causes : एलर्जी भी हो सकती है आंखों में खुजली की वजह
आंखों में खुजली और पानी आने का एक आम कारण एलर्जी भी है। परागकण, धूल-मिट्टी, पालतू जानवरों के बाल और कुछ कॉस्मेटिक उत्पाद आंखों में एलर्जी पैदा कर सकते हैं। इसके कारण आंखें लाल हो सकती हैं और बार-बार खुजलाने का मन करता है। ऐसी स्थिति में आंखों को रगड़ने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे जलन बढ़ सकती है और आंखों की सतह को नुकसान पहुंच सकता है।
Itchy Red Eyes Causes : मोबाइल और कंप्यूटर के ज्यादा इस्तेमाल से ड्राई आई
आजकल लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर की स्क्रीन देखने से भी आंखों में सूखापन महसूस हो सकता है। इसे ड्राई आई कहा जाता है। स्क्रीन पर लगातार ध्यान देने के दौरान लोग सामान्य से कम पलकें झपकाते हैं, जिससे आंखों की नमी प्रभावित हो सकती है। इसके कारण आंखों में जलन, किरकिरापन, लालिमा और असहजता महसूस हो सकती है।
Itchy Red Eyes Causes : कंजंक्टिवाइटिस से भी हो सकती है लालिमा
कंजंक्टिवाइटिस आंख की बाहरी पारदर्शी झिल्ली में होने वाली सूजन है। यह संक्रमण या एलर्जी समेत अलग-अलग कारणों से हो सकता है। इसके लक्षणों में आंखों का लाल होना, पानी आना, जलन और कुछ मामलों में आंखों से स्राव निकलना शामिल है। यदि आंखों में लालिमा के साथ गाढ़ा पीला या हरा स्राव आ रहा है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
Itchy Red Eyes Causes : आंखों में खुजली और पपड़ी जमने पर घर पर क्या करें?
हल्की परेशानी होने पर आंखों और पलकों की साफ-सफाई से राहत मिल सकती है। हालांकि, घरेलू देखभाल बीमारी के कारण का इलाज हमेशा नहीं करती। इन उपायों को अपनाया जा सकता है:
- गुनगुने पानी से सिकाई करें: साफ कपड़े को गुनगुने पानी में भिगोकर बंद पलकों पर पांच से दस मिनट तक रखें। पानी बहुत गर्म न हो।
- पलकों को हल्के हाथ से साफ करें: साफ कपड़े या उपयुक्त आईलिड क्लीनिंग सामग्री से पलकों के किनारों की सफाई करें। पपड़ी को जोर से न खींचें।
- आंखों को रगड़ने से बचें: बार-बार खुजलाने या रगड़ने से जलन बढ़ सकती है।
- आई मेकअप और कॉन्टैक्ट लेंस से दूरी रखें: परेशानी दूर होने तक इनका इस्तेमाल रोकें। यदि कॉन्टैक्ट लेंस पहनने के दौरान आंख लाल या दर्दनाक हो जाए, तो तुरंत जांच कराएं।
- तौलिया और तकिये का कवर साफ रखें: आंखों से स्राव आने पर व्यक्तिगत इस्तेमाल की चीजें साझा न करें।
- बिना सलाह आई ड्रॉप न डालें: खासकर स्टेरॉयड वाली ड्रॉप का इस्तेमाल नेत्र रोग विशेषज्ञ की सलाह के बिना न करें।
Itchy Red Eyes Causes : किन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए?
आंखों की समस्या लंबे समय तक बनी रहे या उसके लक्षण बढ़ने लगें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुछ स्थितियों में जल्द चिकित्सा सहायता लेना जरूरी होता है।
- घरेलू देखभाल के बावजूद लगभग एक सप्ताह तक आराम न मिलना।
- आंख में तेज दर्द होना।
- धुंधला दिखाई देना या रोशनी से परेशानी होना।
- आंखों से गाढ़ा पीला या हरा स्राव निकलना।
- पलकों में बहुत ज्यादा सूजन आना या सूजन का चेहरे तक फैलना।
- आंख में चोट लगने या कोई बाहरी कण जाने के बाद लालिमा होना।
- कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले व्यक्ति की आंख में लालिमा और दर्द होना।
- समस्या का बार-बार लौटकर आना।
Itchy Red Eyes Causes : आंखों को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये उपाय
आंखों में खुजली, लालिमा और सूखेपन की समस्या से बचाव के लिए रोजमर्रा की कुछ आदतों में बदलाव करना फायदेमंद हो सकता है।
स्क्रीन देखते समय 20-20-20 नियम अपनाएं। हर 20 मिनट बाद लगभग 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें। साथ ही, नियमित रूप से पलकें झपकाते रहें, ताकि आंखों की नमी बनी रहे।
चेहरे और पलकों को साफ रखें। सोने से पहले आई मेकअप हटाएं और कॉन्टैक्ट लेंस को निर्देशों के अनुसार निकालें। धूल-मिट्टी और तेज धूप में जरूरत के अनुसार चश्मे का इस्तेमाल करें। आंखों में खुजली होने पर उन्हें रगड़ने के बजाय समस्या का कारण समझने की कोशिश करें।
Itchy Red Eyes Causes : बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड आई ड्रॉप इस्तेमाल करना खतरनाक
आंखों में लालिमा या खुजली होने पर अपनी मर्जी से दवा लेना नुकसानदायक हो सकता है। स्टेरॉयड वाली आई ड्रॉप कुछ समय के लिए लालिमा कम कर सकती है, लेकिन गलत इस्तेमाल से आंखों का दबाव बढ़ सकता है, मोतियाबिंद का खतरा बढ़ सकता है और कुछ संक्रमण गंभीर हो सकते हैं। इसलिए पुरानी पर्ची या किसी दूसरे व्यक्ति की सलाह पर आई ड्रॉप का इस्तेमाल न करें।
आंखें शरीर के बेहद संवेदनशील अंगों में से एक हैं। खुजली, लालिमा और पलकों पर पपड़ी जमने जैसे लक्षणों को बार-बार होने पर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच, सही देखभाल और डॉक्टर की सलाह से समस्या के कारण का पता लगाने और उचित उपचार कराने में मदद मिल सकती है।
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