Report: Farhan khan
Dr Shivalika Sharma Fellowship आगरा की डॉ. शिवालिका शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा जगत में अपनी पहचान बनाई है। थाईलैंड के पटाया में 6 से 8 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इंटरनेशनल एकेडमी ऑफ एस्थेटिक मेडिसिन (IAAM) के तीन दिवसीय सम्मेलन में उन्हें इंटरनेशनल बोर्ड फेलोशिप इन एस्थेटिक एंड रीजेनेरेटिव मेडिसिन (IBFARM) से सम्मानित किया गया। उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, डॉ. शिवालिका शर्मा आगरा की पहली डॉक्टर हैं, जिन्हें यह फेलोशिप प्राप्त हुई है।
विशेषज्ञ फैकल्टी के रूप में निभाई अहम भूमिका
Dr Shivalika Sharma Fellowship सम्मेलन में डॉ. शिवालिका शर्मा ने विशेषज्ञ फैकल्टी के रूप में भी सहभागिता की। इस दौरान एस्थेटिक और रीजेनेरेटिव मेडिसिन के क्षेत्र में विकसित हो रही आधुनिक तकनीकों तथा उपचार पद्धतियों पर विशेषज्ञों ने विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम में चिकित्सा विज्ञान की नई प्रगति और उपचार के बेहतर तरीकों पर चर्चा की गई।
आधुनिक तकनीकों और उपचार पद्धतियों पर चर्चा
Dr Shivalika Sharma Fellowship सम्मेलन में पीआरपी और पीआरएफ तकनीक, कोलेजन बायोस्टिमुलेशन, एडवांस्ड इंजेक्टेबल तकनीक तथा चेहरे की संरचनात्मक एनाटॉमी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इसके साथ ही उपचार के दौरान संभावित जटिलताओं की पहचान, उनकी रोकथाम और उचित प्रबंधन पर भी जोर दिया गया।
एस्थेटिक और रीजेनेरेटिव मेडिसिन का बढ़ता महत्व
Dr Shivalika Sharma Fellowship रीजेनरेटिव मेडिसिन चिकित्सा विज्ञान का तेजी से विकसित होता क्षेत्र है, जिसमें शरीर की प्राकृतिक मरम्मत प्रक्रियाओं और ऊतकों के पुनर्निर्माण की संभावनाओं पर काम किया जाता है। वहीं, एस्थेटिक मेडिसिन में त्वचा के स्वास्थ्य और सौंदर्य से जुड़े उपचारों की आधुनिक तकनीकों का अध्ययन और उपयोग किया जाता है।
आगरा के चिकित्सा जगत के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि
अंतरराष्ट्रीय फेलोशिप हासिल करने और सम्मेलन में विशेषज्ञ फैकल्टी के रूप में भूमिका निभाने की यह उपलब्धि डॉ. शिवालिका शर्मा के पेशेवर सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव है। उनकी इस उपलब्धि को आगरा के चिकित्सा जगत के लिए गौरवपूर्ण माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान शहर के चिकित्सा क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और वैश्विक चिकित्सा ज्ञान से जुड़ाव को भी रेखांकित करती है।


