Abhijeet Dipke: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके और दिल्ली पुलिस के बीच विवाद का मामला सामने आया है। दिपके ने आरोप लगाया है कि गिरफ्तारी के दौरान उन्हें अपने वकील और परिजनों से संपर्क करने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पुलिस ने उन्हें तड़के करीब 3:30 बजे अपने माता-पिता को गिरफ्तारी की जानकारी देने के लिए क्यों कहा।
वहीं, उनकी दादी के निधन के बाद परिवार ने भी दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और अभिजीत को अंतिम संस्कार में शामिल होने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलने पर नाराजगी जताई है। अभिजीत के पिता भगवान दिपके और मां अनीता दिपके ने कहा कि पुलिस थोड़ी संवेदनशीलता दिखाती तो परिवार को इस दुखद परिस्थिति में राहत मिल सकती थी।
Abhijeet Dipke: अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस पर क्या आरोप लगाए?
अभिजीत दिपके ने बताया कि दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने उन्हें उनकी दादी के निधन की सूचना दी थी। इसके बाद उन्होंने अपने गांव में रहने वाले एक कजिन से संपर्क करने के लिए फोन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उनके मुताबिक, पुलिस ने फोन देने से इनकार कर दिया और उनसे संबंधित व्यक्ति का नंबर बताने को कहा।
दिपके का कहना है कि उन्हें फोन नंबर याद नहीं था। इसलिए उन्होंने कुछ मिनट के लिए मोबाइल देने की अपील की, ताकि नंबर देखकर पुलिस को बता सकें। हालांकि, उनके अनुसार, इस अनुरोध को भी स्वीकार नहीं किया गया।
अभिजीत ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अपने वकील से फोन पर बात करने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वह अपने कानूनी अधिकारों के तहत वकील से संपर्क करना चाहते थे, तो पुलिस ने ऐसा करने से क्यों रोका।
Abhijeet Dipke: सुबह 3:30 बजे माता-पिता को फोन करने के निर्देश पर उठाए सवाल
अभिजीत दिपके ने अपनी गिरफ्तारी की सूचना माता-पिता को देने के समय पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस सुबह करीब 3:30 बजे उनके पास आई और उनसे अपने माता-पिता को फोन करके गिरफ्तारी की जानकारी देने के लिए कहा।
दिपके ने सवाल किया कि पुलिस ने दिन में ही उनके माता-पिता को गिरफ्तारी की जानकारी क्यों नहीं दी। उन्होंने यह भी पूछा कि अगर परिवार को सूचना देना जरूरी था, तो इसके लिए सुबह होने तक इंतजार क्यों नहीं किया जा सकता था।
उनके मुताबिक, पुलिस ने इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया। हालांकि, अभिजीत ने इस प्रक्रिया के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि तड़के माता-पिता को फोन करके बेटे की गिरफ्तारी की सूचना देना परिवार के लिए परेशानी और सदमे का कारण बन सकता है।
Abhijeet Dipke: दिल्ली पुलिस पर अभिजीत दिपके ने लगाए गंभीर आरोप
#WATCH | नागपुर | कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा, “दिल्ली पुलिस आई और मुझे बताया कि मेरी दादी का निधन हो गया है। फिर मैंने दिल्ली पुलिस से कहा कि मुझे गाँव में रहने वाले अपने कज़िन को फ़ोन करने दिया जाए; मैंने उनसे सिर्फ़ दो मिनट के लिए मेरा फ़ोन लाने का अनुरोध किया। उन्होंने मना कर दिया, यह कहते हुए कि वे फ़ोन नहीं ला सकते और मुझसे नंबर देने को कहा। मैंने उनसे कहा कि मुझे नंबर याद नहीं है और उनसे सिर्फ़ दो मिनट के लिए फ़ोन देने को कहा ताकि मैं नंबर निकाल सकूँ और उन्हें दे सकूँ। तब भी, उन्होंने मुझे फ़ोन नहीं दिया। कानून के अनुसार, मुझे अपने वकील को फ़ोन करने का भी अधिकार है। दिल्ली पुलिस ने इसकी भी इजाज़त नहीं दी; उन्होंने मुझे अपने वकील को फ़ोन नहीं करने दिया… सुबह 3:30 बजे, दिल्ली पुलिस आई और मुझसे कहा कि मैं अपने माता-पिता को फ़ोन करूँ और उन्हें बताऊँ कि मुझे गिरफ़्तार कर लिया गया है। इसके पीछे क्या मकसद था? मुझे सुबह 3:30 बजे जगाना और मुझसे अपने माता-पिता को फ़ोन करने के लिए कहना—उन्हें भी जगाना—यह बताने के लिए कि मैं गिरफ़्तार हो गया हूँ? मैंने उनसे पूछा कि उन्होंने पूरे दिन मेरे माता-पिता को यह क्यों नहीं बताया कि मुझे गिरफ़्तार कर लिया गया है या मुझे कहाँ रखा गया है। आपने उन्हें दिन में क्यों नहीं बताया? आप मुझे यह सुबह 3:30 बजे क्यों बता रहे हैं? सुबह तक इंतज़ार क्यों नहीं किया? उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह एक कानूनी प्रक्रिया है। यह किस तरह की कानूनी प्रक्रिया है जिसमें किसी के माता-पिता को सुबह 3:30 बजे फ़ोन करके यह बताना पड़े कि उनके बेटे को गिरफ़्तार कर लिया गया है?… दिल्ली पुलिस के ये गुंडे चाहते थे कि मैं सुबह 3:30 बजे अपने माता-पिता को फ़ोन करूँ और उन्हें यह खबर देकर सदमा पहुँचाऊँ कि मुझे गिरफ़्तार कर लिया गया है। उनके पास कोई… इंसानियत—बिल्कुल भी नहीं। वे वर्दी पहने गुंडे हैं—वर्दीधारी बदमाश—और अमित शाह ने उन्हें ऐसे ही गुंडों में बदल दिया है… मैंने किसी बॉन्ड पर दस्तखत नहीं किए हैं। हम फिर से सड़कों पर उतरेंगे; हम अमित शाह और मोदी जैसे लोगों से डरने वाले नहीं हैं…”— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 11, 2026
अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस के व्यवहार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने उनके और उनके परिवार के प्रति संवेदनशीलता नहीं दिखाई। दिपके ने पुलिसकर्मियों के लिए बेहद सख्त शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि उन्हें इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए था।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए भी अपनी नाराजगी जाहिर की। दिपके ने कहा कि वह और उनके समर्थक डरने वाले नहीं हैं और आगे भी सड़कों पर उतरकर अपनी बात रखेंगे।
उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने किसी बॉन्ड पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। हालांकि, उनके इन आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित पुलिस पक्ष का विस्तृत जवाब और कानूनी दस्तावेज सामने आना जरूरी है।
Abhijeet Dipke: अभिजीत दिपके के पिता भगवान दिपके ने क्या कहा?
अभिजीत दिपके के पिता भगवान दिपके ने भी इस पूरे मामले पर नाराजगी जताई। हिंगोली में उन्होंने कहा कि अगर पुलिस अभिजीत को समय रहते रिहा कर देती या अंतिम संस्कार के बाद वापस दिल्ली लौटने की शर्त पर जाने देती, तो वह अपनी दादी के अंतिम दर्शन कर सकते थे।
भगवान दिपके के मुताबिक, उन्होंने सोशल मीडिया पर अभिजीत के नागपुर पहुंचने की जानकारी देखी। उन्होंने कहा कि पुलिस को परिवार को ऐसी जानकारी देने के तरीके और समय का ध्यान रखना चाहिए था। अगर अभिजीत को दादी के निधन की सूचना दी गई थी, तो उन्हें अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पर्याप्त समय भी दिया जाना चाहिए था।
पिता के बयान से स्पष्ट है कि परिवार की मुख्य नाराजगी इस बात को लेकर है कि अभिजीत को अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने का अवसर समय रहते क्यों नहीं मिल सका।
Abhijeet Dipke: मां अनीता दिपके ने भी दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर जताई नाराजगी
अभिजीत की मां अनीता दिपके ने भी कहा कि पुलिस को उन्हें पहले ही जाने की अनुमति दे देनी चाहिए थी। उनके अनुसार, अभिजीत को एक दिन पहले ही मुंबई से परिवार के पास पहुंचना था, ताकि वह अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें।
अनीता दिपके ने कहा कि अगर पुलिस ने उन्हें समय रहते छोड़ दिया होता, तो वह अंतिम संस्कार में शामिल हो पाते। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार में ऐसी दुखद घटना होने पर पुलिस थोड़ी नरमी दिखा सकती थी। इससे परिवार को इस कठिन समय में कुछ राहत मिलती।
मां के बयान के मुताबिक, परिवार पहले से ही दादी के निधन के दुख से गुजर रहा था। ऐसे में अभिजीत की गिरफ्तारी और उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने को लेकर बनी स्थिति ने परिवार की परेशानी और बढ़ा दी।
Abhijeet Dipke: अभिजीत दिपके और दिल्ली पुलिस के बीच विवाद में आगे क्या?
अभिजीत दिपके ने गिरफ्तारी के दौरान फोन इस्तेमाल करने, वकील से संपर्क करने और माता-पिता को सूचना देने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, उनके माता-पिता ने भी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए समय पर अनुमति नहीं मिलने की बात कही है।
फिलहाल, इस मामले में अभिजीत और उनके परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों तथा दिल्ली पुलिस की ओर से दी गई सफाई को अलग-अलग देखना जरूरी है। पुलिस की कार्रवाई, गिरफ्तारी से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया और परिवार को सूचना देने के समय को लेकर पूरी स्थिति संबंधित पक्षों के विस्तृत बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों से ही स्पष्ट हो सकेगी।


