Report: Vandna Rawat
Bhadohi Carpet Expo संत रविदास नगर (भदोही)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश संभावनाओं से भरपूर प्रदेश था, लेकिन बीमारू मानसिकता वाली सरकारों ने इसे लंबे समय तक पिछड़ेपन की ओर धकेल दिया। आज हालात बदल चुके हैं और जो कारीगर व हस्तशिल्पी कभी रोजी-रोटी के लिए पलायन करने को मजबूर थे, वे अब अपनी ही माटी में रहकर अपने हुनर का प्रदर्शन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने रविवार को संत रविदास नगर स्थित कारपेट एक्सपो मार्ट में आयोजित इंडिया कारपेट एक्सपो के स्वर्ण जयंती संस्करण का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और कारीगरों व हस्तशिल्पियों से संवाद भी किया। एक्सपो में 65 देशों के 450 से अधिक विदेशी खरीदार और करीब 250 प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें ब्रिक्स देशों के 106 खरीदार भी शामिल हैं।
ओडीओपी योजना से मिला नया बाजार
Bhadohi Carpet Expo मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में दंगा, कर्फ्यू, उपद्रव और माफियागिरी के कारण कारोबार प्रभावित था। कारीगरों को पर्याप्त काम नहीं मिलता था और विदेशी खरीदार भी यहां आने से बचते थे। सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना के तहत भदोही के कालीन उद्योग को नई पहचान दिलाई। तकनीक, डिजाइन और बाजार से जुड़ने के बाद इस क्षेत्र के कारीगरों को बड़ा मंच मिला है।
कालीन उद्योग से लाखों लोगों को रोजगार
Bhadohi Carpet Expo मुख्यमंत्री ने बताया कि संत रविदास नगर और सिल्क क्लस्टर से करीब 6,100 करोड़ रुपये का निर्यात हो रहा है। देश के कुल कालीन निर्यात में संत रविदास नगर, मिर्जापुर और वाराणसी के सिल्क क्लस्टर की हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत है। अकेले संत रविदास नगर में 2,500 एमएसएमई इकाइयां संचालित हैं, जिनका वार्षिक कारोबार 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक है। इस उद्योग से पांच लाख से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है।
उन्होंने कहा कि जिले में निर्मित करीब 90 प्रतिशत कालीन अमेरिका, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन सहित कई देशों में निर्यात किए जाते हैं। भदोही के हस्तनिर्मित कालीन को जीआई टैग भी प्राप्त है। तकनीकी शिक्षा, डिजाइनिंग और डाइंग प्रशिक्षण के लिए यहां इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कारपेट टेक्नोलॉजी भी संचालित है।
बेहतर कनेक्टिविटी से मिलेगा उद्योग को लाभ
Bhadohi Carpet Expo मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे और परिवहन नेटवर्क का लाभ कालीन उद्योग को सीधे मिलेगा। गंगा एक्सप्रेसवे के विंध्य एक्सप्रेसवे के रूप में विस्तार के बाद संत रविदास नगर से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की दूरी करीब छह घंटे में तय की जा सकेगी। एयरपोर्ट पर उपलब्ध कार्गो सुविधा से कालीनों का निर्यात और आसान होगा। इसके अलावा वाराणसी-हल्दिया इनलैंड वाटरवे तथा लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की कार्गो सुविधाएं भी कारोबार को गति देंगी।
कानून व्यवस्था से बढ़ा निवेशकों का भरोसा
Bhadohi Carpet Expo मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब प्रदेश में दंगे, कर्फ्यू और अराजकता का माहौल नहीं है। कोई माफिया खुली जीप में पिस्टल लहराकर व्यापारियों को धमका नहीं सकता और न ही बेटियों व कारोबारियों की सुरक्षा में सेंध लगा सकता है। बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण उत्तर प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। प्रदेश में कारखानों की संख्या 14 हजार से बढ़कर 35 हजार से अधिक हो चुकी है, जिससे रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति मिली है।
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