Report: Vijay Ahirwar
Model School Bamori गुना जिले का मॉडल स्कूल बमोरी सरकारी विद्यालयों को लेकर बनी आम धारणा को बदलने की दिशा में मिसाल पेश कर रहा है। प्राचार्य श्रीमती पूजा माथुर के नेतृत्व और शिक्षकों के समर्पण से विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक माहौल, अनुशासन और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यही वजह है कि स्कूल अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
ड्रेस कोड और आईडी कार्ड से बढ़ा अनुशासन
Model School Bamori प्राचार्य पूजा माथुर की पहल का असर विद्यालय परिसर में साफ दिखाई दे रहा है। स्कूल के सभी छात्र-छात्राएं निर्धारित ड्रेस कोड में नजर आते हैं। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए गले में पहचान पत्र यानी आईडी कार्ड पहनना भी अनिवार्य किया गया है।

प्राचार्य ने व्यक्तिगत रुचि लेते हुए सभी विद्यार्थियों के आईडी कार्ड तैयार करवाए और उन्हें स्वयं वितरित किया। इस पहल से बच्चों में अनुशासन के साथ आत्मविश्वास की भावना भी बढ़ने की बात कही जा रही है।
निजी स्कूलों जैसी व्यवस्था से अभिभावक भी प्रभावित
Model School Bamori विद्यालय में किए जा रहे बदलावों को लेकर अभिभावकों में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि जिन व्यवस्थाओं को पहले महंगे निजी स्कूलों से जोड़कर देखा जाता था, उनमें से कई सुविधाएं अब मॉडल स्कूल बमोरी में भी दिखाई दे रही हैं।
स्कूल में केवल पढ़ाई पर ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यवहार, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
मजबूत नेतृत्व से बदल रही सरकारी स्कूल की तस्वीर
Model School Bamori प्राचार्य पूजा माथुर की सकारात्मक सोच और प्रयासों से विद्यालय की कार्यशैली में बदलाव दिखाई दे रहा है। स्कूल में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के साथ विद्यार्थियों में अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
मॉडल स्कूल बमोरी की यह पहल इस बात की मिसाल बन रही है कि बेहतर नेतृत्व, शिक्षकों के समर्पण और निरंतर प्रयासों के जरिए सरकारी विद्यालयों में भी प्रभावी और सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।


