Morena PM Awas Yojana : मध्य प्रदेश के मुरैना जिले की ग्राम पंचायत सिरमिति में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। योजना का लाभ पाने के लिए आवेदन करने वाले गरीब हितग्राहियों ने पंचायत कर्मियों पर रिश्वत मांगने और राशि लेने के बावजूद आवास योजना की सूची में नाम शामिल नहीं करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर चार महिला हितग्राहियों ने जिला कलेक्टर को शिकायती आवेदन सौंपकर पूरे प्रकरण की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
Morena PM Awas Yojana : में रिश्वत मांगने का आरोप
शिकायत करने वाली हितग्राहियों के मुताबिक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान के लिए उन्होंने ग्राम पंचायत में आवेदन किया था। उनका आरोप है कि सर्वे के दौरान उनका नाम और स्थिति जांचने के बाद रिपोर्ट ओके की गई थी। इसके बाद योजना में नाम जोड़ने के नाम पर उनसे कथित तौर पर 5-5 हजार रुपये की मांग की गई।
Morena PM Awas Yojana : पैसे देने के बाद भी PM Awas Yojana की सूची से नाम गायब
हितग्राहियों का कहना है कि उन्होंने संबंधित लोगों की मांग के अनुसार राशि दे दी, लेकिन इसके बावजूद प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में उनके नाम शामिल नहीं किए गए। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि रकम लेने के बाद भी उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पाया। इससे नाराज हितग्राहियों ने अब प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
Morena PM Awas Yojana : चार महिला हितग्राहियों ने कलेक्टर से की शिकायत
इस मामले में ग्राम पंचायत सिरमिति की चार महिलाओं ने जिला कलेक्टर को आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ताओं में सुनीता देवी पत्नी स्व. सत्यराम माहौर, अनीता पत्नी स्व. राजवीर लोधी, राजवती पत्नी होम सिंह लोधी और राजाबेटी पत्नी कृष्णा माहौर शामिल हैं। महिलाओं ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
Morena PM Awas Yojana : गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने का दावा
शिकायतकर्ता महिलाओं का कहना है कि वे आर्थिक रूप से कमजोर हैं और गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन कर रही हैं। उनके मुताबिक पक्का मकान नहीं होने के कारण उन्हें गांव में झोपड़ी में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना उनके लिए पक्के घर की उम्मीद थी, लेकिन कथित तौर पर रिश्वत की मांग और सूची में नाम नहीं जुड़ने से उनकी परेशानी बढ़ गई है।
Morena PM Awas Yojana : एडीओ, पंचायत सचिव और सर्वेयर पर लगाए आरोप
हितग्राहियों ने अपनी शिकायत में एडीओ गौरव शर्मा, ग्राम पंचायत सचिव शिवज्ञान सिंह और सर्वेयर सुरेश माहौर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि सर्वे के दौरान उनकी रिपोर्ट ओके किए जाने के बाद योजना में नाम शामिल करने के लिए कथित तौर पर 5-5 हजार रुपये की मांग की गई थी। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
Morena PM Awas Yojana : जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई, कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ताओं ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित पंचायत कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। अब शिकायत के बाद प्रशासन इस मामले में क्या जांच कराता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं, इस पर सभी की नजर है।


