Cancer Causes : कैंसर को आमतौर पर वयस्कों से जुड़ी बीमारी माना जाता है, लेकिन बच्चों में भी इसके मामले सामने आते हैं। हालांकि बच्चों में होने वाले कैंसर की वजहें वयस्कों से काफी अलग हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बचपन में शरीर तेजी से बढ़ता है और इस दौरान कोशिकाओं के लगातार बनने की प्रक्रिया में कभी-कभी DNA में बदलाव हो सकते हैं। कुछ परिस्थितियों में यही बदलाव कैंसर का कारण बन सकते हैं।बच्चों में कैंसर के ज्यादातर मामलों के पीछे कोई एक स्पष्ट कारण नहीं मिलता। ऐसे में यह समझना भी जरूरी है कि बच्चे के कैंसर के लिए माता-पिता की किसी गलती, सामान्य खान-पान या जीवनशैली को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। आइए जानते हैं बच्चों में कैंसर क्यों होता है, कौन से कैंसर ज्यादा पाए जाते हैं और किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
Cancer Causes : बच्चों में कैंसर होने की मुख्य वजह क्या है?
बच्चों में कैंसर का संबंध मुख्य रूप से शरीर की कोशिकाओं के DNA में होने वाले बदलावों यानी म्यूटेशन से माना जाता है। शरीर में कोशिकाएं लगातार बनती और विभाजित होती रहती हैं। बच्चों में विकास की प्रक्रिया तेज होने के कारण नई कोशिकाओं के बनने की गति भी काफी अधिक होती है।कोशिकाओं के विभाजन के दौरान DNA की कॉपी तैयार होती है। सामान्य स्थिति में शरीर की अपनी रिपेयर प्रणाली और इम्यून सिस्टम ऐसी गलतियों को ठीक करने की कोशिश करते हैं। लेकिन कभी-कभी कुछ बदलाव बने रह जाते हैं। अगर ये बदलाव कोशिकाओं की वृद्धि और विभाजन को नियंत्रित करने वाले महत्वपूर्ण जीन को प्रभावित करते हैं, तो असामान्य कोशिकाएं तेजी से बढ़ सकती हैं और आगे चलकर कैंसर विकसित हो सकता है।
Cancer Causes : क्या माता-पिता की गलती से बच्चों को कैंसर होता है?
बच्चे में कैंसर होने के बाद कई माता-पिता खुद को इसके लिए जिम्मेदार मानने लगते हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में ऐसा करना सही नहीं है। बच्चों में कैंसर के पीछे अक्सर किसी एक कारण की पहचान नहीं हो पाती।कुछ दुर्लभ मामलों में जन्मजात या आनुवंशिक परिस्थितियां कैंसर का जोखिम बढ़ा सकती हैं। इसके बावजूद अधिकांश मामलों को माता-पिता के खान-पान, परवरिश या किसी सामान्य जीवनशैली की गलती से जोड़ना उचित नहीं है।इसलिए बच्चे में कैंसर का पता चलने पर परिवार को खुद को दोष देने के बजाय डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज और नियमित निगरानी पर ध्यान देना चाहिए।
Cancer Causes : बच्चों में ल्यूकेमिया सबसे ज्यादा क्यों पाया जाता है?
ल्यूकेमिया यानी ब्लड कैंसर बच्चों में पाए जाने वाले प्रमुख कैंसरों में शामिल है। इसका संबंध बोन मैरो से होता है, जहां शरीर में रक्त की नई कोशिकाएं बनती हैं।बचपन में शरीर के विकास के लिए बोन मैरो काफी सक्रिय रहता है। यहां बड़ी संख्या में कोशिकाएं बनती और विभाजित होती हैं। इसी दौरान कभी-कभी DNA में ऐसे बदलाव हो सकते हैं जो रक्त कोशिकाओं के सामान्य विकास और परिपक्व होने की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं।कुछ परिस्थितियों में असामान्य सफेद रक्त कोशिकाएं तेजी से बढ़ने लगती हैं। इससे सामान्य रक्त कोशिकाओं के निर्माण पर असर पड़ सकता है और ल्यूकेमिया विकसित हो सकता है। हालांकि, ज्यादातर बच्चों में ल्यूकेमिया का कोई एक निश्चित कारण सामने नहीं आता।
Cancer Causes : बच्चों में कैंसर के शुरुआती लक्षण कौन से हैं?
बच्चों में कैंसर के लक्षण बीमारी के प्रकार और शरीर में उसके स्थान पर निर्भर करते हैं। कई लक्षण सामान्य संक्रमण या दूसरी बीमारियों में भी दिखाई दे सकते हैं। इसलिए किसी एक लक्षण को देखकर कैंसर का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।लेकिन अगर कोई परेशानी लंबे समय तक बनी रहती है, बार-बार होती है या धीरे-धीरे बढ़ रही है, तो बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
Cancer Causes : ल्यूकेमिया में दिख सकते हैं ये संकेत
ब्लड कैंसर की स्थिति में बच्चे को लंबे समय तक या बार-बार बुखार हो सकता है। इसके अलावा अत्यधिक थकान, कमजोरी, खून की कमी, बार-बार संक्रमण, बिना चोट के शरीर पर नीले निशान, नाक या मसूड़ों से खून आना और हड्डियों या जोड़ों में लगातार दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।इनमें से कई लक्षण अन्य सामान्य बीमारियों में भी हो सकते हैं। इसलिए डॉक्टर की जांच के बिना कैंसर की पुष्टि नहीं की जा सकती।
Cancer Causes : विल्म्स ट्यूमर में पेट में गांठ हो सकती है
विल्म्स ट्यूमर बच्चों में होने वाला किडनी से जुड़ा कैंसर है। इसमें बच्चे के पेट में बिना दर्द वाली असामान्य गांठ महसूस हो सकती है।कुछ मामलों में पेट दर्द, बुखार या पेशाब में खून आने जैसी समस्या भी दिखाई दे सकती है। बच्चे के पेट में अचानक कोई असामान्य गांठ महसूस हो तो उसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
Cancer Causes : रेटिनोब्लास्टोमा में आंख में दिख सकता है बदलाव
रेटिनोब्लास्टोमा आंख से संबंधित कैंसर है, जो बच्चों में पाया जा सकता है। इसका एक महत्वपूर्ण संकेत फ्लैश वाली तस्वीर में आंख की पुतली के अंदर सफेद चमक दिखाई देना हो सकता है।इसके अलावा अचानक भेंगापन दिखाई देना या बच्चे की नजर में बदलाव भी ध्यान देने योग्य संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण नजर आने पर आंखों के विशेषज्ञ से जल्द जांच कराना जरूरी है।
Cancer Causes : क्या बच्चों में कैंसर को पूरी तरह रोका जा सकता है?
बच्चों में होने वाले अधिकांश कैंसर को पूरी तरह रोक पाना संभव नहीं है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि इनके पीछे अक्सर कोशिकाओं और जीन में होने वाले बदलाव शामिल होते हैं, जिन्हें पहले से नियंत्रित करना संभव नहीं होता।हालांकि, बीमारी की जल्द पहचान इलाज के परिणामों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसलिए बच्चे में कोई असामान्य लक्षण लंबे समय तक बना रहे तो जांच कराने में देरी नहीं करनी चाहिए।
Cancer Causes : किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें?
अगर बच्चे को लंबे समय तक बुखार रहता है, बार-बार संक्रमण होता है, बिना वजह शरीर से खून आता है, लगातार कमजोरी रहती है, हड्डियों या जोड़ों में दर्द बना रहता है, बिना चोट के शरीर पर नीले निशान पड़ते हैं, आंख में असामान्य सफेद चमक दिखाई देती है या शरीर में कोई असामान्य गांठ महसूस होती है, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।इन लक्षणों का मतलब यह नहीं है कि बच्चे को कैंसर ही है। लेकिन इनके लगातार बने रहने पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
Cancer Causes : बच्चों की सेहत के लिए किन बातों का रखें ध्यान?
बच्चों में कैंसर के अधिकांश मामलों को रोकना संभव नहीं होने के बावजूद उनकी सामान्य सेहत के लिए संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद, स्वच्छ वातावरण और उम्र के अनुसार जरूरी टीकाकरण महत्वपूर्ण हैं।सबसे अहम बात यह है कि किसी भी असामान्य या लंबे समय तक बने रहने वाले लक्षण को नजरअंदाज न किया जाए। समय पर डॉक्टर से सलाह और आवश्यक जांच बीमारी की पहचान जल्द करने में मदद कर सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। बच्चों में बताए गए लक्षण कई अन्य सामान्य बीमारियों में भी हो सकते हैं। कैंसर की पुष्टि केवल चिकित्सकीय जांच और आवश्यक परीक्षणों के बाद ही की जा सकती है।
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