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Siliguri Corridor की सुरक्षा होगी और मजबूत, अमित शाह ने बताया खास प्लान

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Siliguri Corridor: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक विशेष त्रिकोणीय सुरक्षा ग्रिड तैयार किया गया है। यह इलाका देश की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है, क्योंकि यह पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है।

शुक्रवार को सिलीगुड़ी में आयोजित एक कार्यक्रम में अमित शाह ने सीमा सुरक्षा, सैन्य तैयारियों और क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से जुड़े कई मुद्दों पर बात की। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार आने के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में जमीन से जुड़े विवादों के समाधान की दिशा में भी काम आगे बढ़ रहा है।

सिलीगुड़ी में गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा बयान

अमित शाह सिलीगुड़ी स्थित सशस्त्र सीमा बल के नॉर्थ बंगाल फ्रंटियर मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां उन्होंने करीब 189 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न प्रशासनिक और आवासीय परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

कार्यक्रम में गृह मंत्रालय के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियों के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान गृह मंत्री ने सीमा सुरक्षा और देश के रणनीतिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।

Siliguri Corridor: क्यों बेहद अहम है सिलीगुड़ी कॉरिडोर

सिलीगुड़ी कॉरिडोर को आम तौर पर ‘चिकन्स नेक’ के नाम से भी जाना जाता है। यह संकरा भू-भाग पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसकी भौगोलिक स्थिति और रणनीतिक महत्व के कारण इसे राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है।

अमित शाह ने कहा कि सिलीगुड़ी कॉरिडोर देश की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण इलाकों में शामिल है। यह क्षेत्र कई राज्यों के बीच संपर्क का अहम माध्यम है और इसलिए यहां सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखना आवश्यक है।

Siliguri Corridor: धुबरी, किशनगंज और चोपड़ा में बनेगा सुरक्षा का त्रिकोण

गृह मंत्री के मुताबिक सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा के लिए तीन प्रमुख स्थानों को जोड़कर एक त्रिकोणीय सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गई है। इसमें असम का धुबरी, बिहार का किशनगंज और पश्चिम बंगाल का चोपड़ा शामिल है।

इन स्थानों पर सैन्य मौजूदगी और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इस व्यवस्था का उद्देश्य संवेदनशील क्षेत्र में निगरानी, सुरक्षा तैयारियों और प्रशासनिक समन्वय को बेहतर बनाना है।

Siliguri Corridor: ‘तीस्ता प्रहार’ जैसी सैन्य कवायद से तैयारी मजबूत

सिलीगुड़ी कॉरिडोर और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए सैन्य अभ्यास भी किए जा रहे हैं। अमित शाह ने ‘तीस्ता प्रहार’ जैसी सैन्य कवायदों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे अभ्यास किसी भी चुनौती से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने में मदद करते हैं।

इन अभ्यासों के जरिए अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों और सैन्य इकाइयों के बीच समन्वय तथा क्षेत्र में त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को परखा जाता है।

Siliguri Corridor: सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा पर सरकार का जोर

अमित शाह ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा केवल सैन्य मौजूदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए प्रशासनिक व्यवस्था, आधारभूत ढांचे और निगरानी तंत्र को भी मजबूत करना जरूरी है।

उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े जमीन विवादों के समाधान का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार आने के बाद सीमा से जुड़े जमीन के मामलों को सुलझाने की दिशा में काम हुआ है।

Siliguri Corridor: SSB की भूमिका का भी किया जिक्र

गृह मंत्री ने सशस्त्र सीमा बल के इतिहास और जिम्मेदारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1965 में स्थापित एसएसबी देश की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

एसएसबी को भारत-नेपाल सीमा की जिम्मेदारी वर्ष 2001 से और भारत-भूटान सीमा की जिम्मेदारी वर्ष 2004 से दी गई है। सीमा क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में बल की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है।

Siliguri Corridor: विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का भी उल्लेख

अमित शाह ने अपने संबोधन में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश को विकसित बनाने के लिए उत्पादन क्षमता, रक्षा शक्ति, तकनीक और बुनियादी ढांचे समेत कई क्षेत्रों में एक साथ काम करना होगा।

उन्होंने ‘सप्त धारा’ के तहत विकास से जुड़े प्रमुख स्तंभों की बात रखी। इनमें मैन्युफैक्चरिंग, रक्षा क्षमता, तकनीकी विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

Siliguri Corridor: सुरक्षा और विकास दोनों पर सरकार का फोकस

अमित शाह के बयान से साफ है कि सरकार सिलीगुड़ी कॉरिडोर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ आधारभूत ढांचे को भी मजबूत करने पर जोर दे रही है। प्रशासनिक और आवासीय परियोजनाओं के उद्घाटन तथा शिलान्यास के साथ सुरक्षा तैयारियों पर चर्चा को इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

सिलीगुड़ी कॉरिडोर की संवेदनशील भौगोलिक स्थिति को देखते हुए आने वाले समय में यहां निगरानी, सैन्य तैयारियों और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को और मजबूत किए जाने की संभावना है।

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