रिपोर्ट: अरूण तिवारी
Jhansi Flooded Rapta Bridge लगातार हो रही बारिश के कारण मऊरानीपुर तहसील की ग्राम पंचायत खदरका में डुडेरी नदी पर बना करीब 30 वर्ष पुराना रपटा जलमग्न हो गया है। रपटा डूबने से क्षेत्र के कई गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क प्रभावित हो गया है, जबकि स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उफनती नदी पार कर स्कूल पहुंचने को मजबूर बच्चे
Jhansi Flooded Rapta Bridge रपटा जलमग्न होने के बावजूद खनुआ, इटायल, बुडाई और आसपास के गांवों के छात्र-छात्राएं स्कूल जाने के लिए उफनती नदी को पैदल पार करने का जोखिम उठा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जूनियर हाईस्कूल में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चों को हर दिन जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है।
ग्रामीणों के अनुसार तेज बहाव के बीच आवागमन करना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग मजबूरी में इसी रास्ते का उपयोग कर रहे हैं।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुआ समाधान
Jhansi Flooded Rapta Bridge ग्रामीणों का आरोप है कि रपटा की समस्या और बरसात के दौरान होने वाली दिक्कतों को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में यही स्थिति बनती है, जिससे गांवों का संपर्क टूट जाता है और विद्यार्थियों, किसानों तथा आम नागरिकों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
हादसे की आशंका, विकास के दावों पर सवाल
Jhansi Flooded Rapta Bridge डुडेरी नदी का बढ़ता जलस्तर और जर्जर हो चुका रपटा क्षेत्र में दुर्घटना की आशंका बढ़ा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षित पुल निर्माण या वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि एक ओर विकास के दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर आज भी ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे शिक्षा प्राप्त करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं।




