RMadhupur Nagar Parishad Meeting : मधुपुर। मधुपुर नगर परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के बीच चल रही खींचतान का असर अब नगर परिषद के कामकाज पर भी दिखाई देने लगा है। लगातार दूसरी बार नगर परिषद की बोर्ड बैठक आपसी विवाद और गुटबाजी के कारण स्थगित करनी पड़ी। बैठक शुरू होते ही अध्यक्ष दरक्शां परवीन और उपाध्यक्ष ऋषभ भारद्वाज के समर्थक पार्षदों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।

Madhupur Nagar Parishad Meeting : मधुपुर नगर परिषद बैठक में शुरू हुआ विवाद
मधुपुर नगर परिषद बैठक में शहर के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होनी थी। लेकिन बैठक की शुरुआत के साथ ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष गुट के पार्षद आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ने लगी और माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को देखते हुए बैठक को आगे चलाना मुश्किल हो गया। विवाद बढ़ता देख बोर्ड की बैठक को बीच में ही स्थगित कर दिया गया। इससे बैठक के एजेंडे में शामिल महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा नहीं हो सकी।
Madhupur Nagar Parishad Meeting : दूसरी बार बैठक स्थगित होने से उठे सवाल
नगर परिषद की बोर्ड बैठक लगातार दूसरी बार स्थगित होने के बाद अब शहर के विकास कार्यों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बैठक में विकास योजनाओं और नगर से जुड़े कई जरूरी विषयों पर निर्णय होना था, लेकिन पार्षदों के बीच मतभेद के कारण कोई ठोस फैसला नहीं हो सका। मधुपुर नगर परिषद बैठक के स्थगित होने से उन योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी असर पड़ने की आशंका है, जिन पर बोर्ड की मंजूरी या चर्चा जरूरी थी। स्थानीय स्तर पर लगातार बढ़ते विवाद को लेकर लोगों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है।
Madhupur Nagar Parishad Meeting : अध्यक्ष और उपाध्यक्ष गुट ने लगाए एक-दूसरे पर आरोप
बैठक में हुए हंगामे के बाद अध्यक्ष दरक्शां परवीन और उपाध्यक्ष ऋषभ भारद्वाज दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। दोनों गुटों का अपना-अपना पक्ष है और विवाद को लेकर राजनीतिक एवं प्रशासनिक माहौल गरमा गया है। नगर परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के बीच मतभेद का असर यदि इसी तरह जारी रहा, तो इसका सीधा प्रभाव शहर से जुड़े विकास कार्यों और योजनाओं की गति पर पड़ सकता है।
Madhupur Nagar Parishad Meeting : विकास कार्यों पर असर की चिंता
मधुपुर नगर परिषद बैठक के बार-बार स्थगित होने से नगर परिषद के कामकाज को लेकर चिंता बढ़ रही है। बोर्ड की बैठक में लिए जाने वाले फैसले शहर की विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में लगातार विवाद के कारण बैठक नहीं होने से जरूरी प्रस्ताव लंबित हो सकते हैं। अब देखना होगा कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष गुट के बीच चल रहे विवाद का समाधान किस तरह होता है और अगली बोर्ड बैठक में पार्षद विकास के मुद्दों पर एकजुट होकर निर्णय ले पाते हैं या नहीं।

