Hormuz Strait: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपना रुख एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है। तेहरान ने किसी वैकल्पिक समुद्री मार्ग या नए रूट के प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसका नियंत्रण बना रहेगा और इसे युद्ध से पहले की स्थिति में वापस नहीं लाया जाएगा। यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य तनाव कम होने के बाद कूटनीतिक बातचीत की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
Hormuz Strait: होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का सख्त रुख
ईरान का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य उसके लिए रणनीतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। इसी कारण किसी वैकल्पिक समुद्री मार्ग के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया जाएगा। तेहरान का दावा है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री गलियारे की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव उसकी सहमति के बिना संभव नहीं है।
Hormuz Strait: अमेरिका से बातचीत के लिए ईरान ने रखीं तीन शर्तें
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने अमेरिका के साथ संभावित वार्ता के लिए तीन प्रमुख शर्तें सामने रखी हैं।
- पहली शर्त यह है कि बातचीत शुरू होने से पहले होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की भूमिका और नियंत्रण को लेकर स्पष्ट आश्वासन दिया जाए।
- दूसरी शर्त ईरान की विदेशों में फ्रीज की गई वित्तीय संपत्तियों को जारी करने से जुड़ी है।
- तीसरी शर्त परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा को तय चरण में आगे बढ़ाने की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान से कहा है कि यदि इन बिंदुओं पर सहमति बनती है तो वह जिनेवा, दोहा या इस्लामाबाद में वार्ता के लिए तैयार है।
Hormuz Strait: होर्मुज को लेकर ओमान और ईरान के बीच जारी है संवाद
रिपोर्टों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात को सामान्य बनाने के मुद्दे पर ओमान और ईरान के बीच हाल के दिनों में कई दौर की बातचीत हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच कुछ मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति हुई है, हालांकि अंतिम सहमति अभी बाकी है।
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, वार्ता के बाद ओमान का प्रतिनिधिमंडल तेहरान से लौट चुका है और आगे भी बातचीत जारी रहने की संभावना है।
Hormuz Strait: अभी और वार्ता की जरूरत
क्षेत्रीय सूत्रों का कहना है कि बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है, लेकिन किसी अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए दोनों पक्षों के बीच और दौर की वार्ता आवश्यक होगी। इस बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अमेरिका की आगे की रणनीति और संभावित कूटनीतिक पहल पर बनी हुई है।
Hormuz Strait: होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर ईरान का दावा
ईरानी संसद के उपाध्यक्ष ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब युद्ध-पूर्व की स्थिति में नहीं लौटेगा। उनका कहना है कि इस समुद्री मार्ग से होने वाली गतिविधियों पर ईरान अपनी निगरानी और नियंत्रण बनाए रखेगा।
इसी क्रम में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की मजबूत पकड़ कायम है और क्षेत्र में समुद्री आवाजाही पर उसकी करीबी निगरानी जारी है।
Hormuz Strait: IRGC का बड़ा दावा
आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसकी चेतावनी के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में कई जहाजों की गतिविधियों पर कार्रवाई की गई। संगठन का कहना है कि इससे यह स्पष्ट होता है कि क्षेत्र में समुद्री आवागमन की निगरानी पर उसका प्रभाव बना हुआ है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय स्रोतों से होना अभी बाकी है।
Hormuz Strait: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव फिलहाल कम
हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच हुए सैन्य हमलों के बाद दोनों देशों ने फिलहाल प्रत्यक्ष कार्रवाई रोक दी है। इससे क्षेत्र में तनाव कुछ कम हुआ है और कूटनीतिक बातचीत की संभावनाएं फिर से मजबूत हुई हैं।
अमेरिकी पक्ष की ओर से कहा गया है कि सैन्य कार्रवाई रोकने का उद्देश्य बातचीत और कूटनीतिक समाधान के लिए अवसर देना है। वहीं ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई फिलहाल रोकने की घोषणा की है, जिससे दोनों देशों के बीच संवाद की संभावना बनी हुई है।
Hormuz Strait: वैश्विक व्यापार के लिए क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है। खाड़ी क्षेत्र से निकलने वाले कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, तेल की कीमतों और समुद्री व्यापार पर व्यापक असर डाल सकता है। इसलिए दुनिया की कई बड़ी शक्तियां इस क्षेत्र के घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
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