Sleemanabad Water Tunnel : किसानों का 17 साल का खत्म हुआ इंतजार,1450 गांवों में पहुंचेगा नर्मदा जल, बदलेगी विंध्य की तस्वीर
Sleemanabad Water Tunnel : मध्यप्रदेश के सिंचाई इतिहास की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल स्लीमनाबाद जल-सुरंग अब अपने अंतिम चरण में है…विंध्य की धरती को सींचने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव खुद भगीरथ की भूमिका में नजर आए हैं…मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रशासनिक फैसलों से ये महापरियोजना अपनी मंजिल तक पहुंची है…सीएम ने पद संभालते ही इस परियोजना के महत्व को समझा और ऑन-द-स्पॉट फैसलों से नामुकिन काम को मुमकिन कर दिखाया..इस 11.952 किलोमीटर लंबी महासुरंग का काम लगभग पूरा हो चुका है..मुख्यमंत्री के संकल्प और अटूट इच्छाशक्ति से 17 साल बाद नर्मदा मैया का विंध्य की धरती पर उतरने का सपना साकार हो रहा है..

Sleemanabad Water Tunnel : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कटनी जिले में देश की सबसे लंबी और तकनीकी रूप से सबसे जटिल स्लीमनाबाद जल-सुरंग का निरीक्षण किया…सीएम ने कहा कि इस महासुरंग के जरिए विंध्य से नर्मदा के जल को गुरुत्वाकर्षण के आधार पर सोन नदी के कछार तक पहुंचाना इंजीनियरिंग का कमाल है…परियोजना से जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना के करीब 1450 गांवों की 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी…जिससे विंध्य और महाकौशल क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था में मजबूती का रास्ता मजबूत होगा..सीएम ने कहा कि स्लीमनाबाद टनल प्रदेश में किसान कल्याण, जल संरक्षण और समग्र विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है..
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