Devkinandan Thakur Statement: देवकीनंदन ठाकुर बोले- युवाओं को गीता का ज्ञान जरूरी, सनातन बोर्ड के गठन की उठाई मांग

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Devkinandan Thakur Statement

Devkinandan Thakur Statement: प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने प्रेसवार्ता के दौरान शिक्षा, संस्कार, सनातन धर्म, धर्मांतरण और सामाजिक विषयों पर अपने विचार रखे। इस दौरान प्रेस क्लब के पदाधिकारी और कथा आयोजक योगेश अग्रवाल भी मौजूद रहे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि आज का युवा गलत दिशा में जा रहा है और इसके पीछे नैतिक व धार्मिक शिक्षा की कमी एक बड़ा कारण है।

Devkinandan Thakur Statement: गीता के अध्ययन और सनातन बोर्ड की वकालत

Devkinandan Thakur Statement: देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि अन्य धर्मों के बच्चे अपने धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करते हैं, जबकि सनातन समाज के कई बच्चे गीता और महाभारत जैसे ग्रंथों से दूर हो रहे हैं। उनका कहना था कि बच्चों को केवल आर्थिक सफलता नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और नैतिक मूल्यों की शिक्षा भी दी जानी चाहिए। उन्होंने देश में सनातन बोर्ड के गठन की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इससे मंदिरों, गुरुकुलों और सनातन संस्कृति के संरक्षण को मजबूती मिलेगी।

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Devkinandan Thakur Statement: शिक्षा, सामाजिक मुद्दों और धर्मांतरण पर रखी राय

Devkinandan Thakur Statement: कथावाचक ने लिव-इन रिलेशनशिप, नशामुक्ति, धर्मांतरण, शिक्षा व्यवस्था और बच्चों के सांस्कृतिक विकास जैसे विषयों पर भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में बच्चों को भारतीय संस्कृति, महापुरुषों और आदर्श चरित्रों से जुड़ी शिक्षा दी जानी चाहिए। राम मंदिर चोरी मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मौन पर उनकी व्यक्तिगत धारणा है कि “कुछ बड़ा होने वाला है।” वहीं धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सनातन समाज को अपने मूल्यों और धार्मिक ज्ञान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता है।