Report: Ram Yadav
Vidisha Sironj School Plaster Collapse विदिशा जिले के सिरोंज अंतर्गत गोपाल नगर में एक शासकीय स्कूल भवन की छत का प्लास्टर गिरने से तीन मासूम बच्चों के घायल होने का गंभीर मामला सामने आया है। इस हादसे को गंभीरता से लेते हुए नवनियुक्त जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) एन.के. अहिरवार ने पूरे जिले में अलर्ट जारी कर दिया है। उन्होंने जिले के अंतर्गत आने वाले सभी शासकीय स्कूलों के जर्जर और क्षतिग्रस्त भवनों की सघन जांच के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही छात्र सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए जर्जर कमरों में कक्षाएं संचालित करने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है।
Vidisha Sironj School Plaster Collapse सिरोंज हादसे की जांच शुरू, दोषियों पर गिरेगी गाज
Vidisha Sironj School Plaster Collapse जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि गोपाल नगर में हुई इस अवांछित घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं:
- दोषियों पर कार्रवाई: जिला प्रशासन इस मामले में बेहद सख्त रुख अपना रहा है। घटना के समय लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ जिला प्रशासन की ओर से दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
- बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता: भविष्य में दोबारा ऐसा कोई हादसा न हो, इसके लिए जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और संकुल प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों का भौतिक सत्यापन करने को कहा गया है।
Vidisha Sironj School Plaster Collapse विभाग के कड़े दिशा-निर्देश: जर्जर कक्षाओं में ताला लगाने के आदेश
DEO एन.के. अहिरवार द्वारा जारी किए गए आधिकारिक निर्देशों के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

- असुरक्षित कक्षाओं पर रोक: निरीक्षण के दौरान जो भी शासकीय स्कूल भवन या विशिष्ट क्लासरूम (कक्षाएं) जर्जर या क्षतिग्रस्त पाए जाएंगे, उनमें किसी भी स्थिति में बच्चों को नहीं बैठाया जाएगा।
- वैकल्पिक व्यवस्था: यदि किसी स्कूल का पूरा भवन जर्जर है, तो वहां के बच्चों की पढ़ाई के लिए पास के किसी सुरक्षित भवन या पंचायत भवन में वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
- जल्द होगा जीर्णोद्धार: क्षतिग्रस्त पाए जाने वाले भवनों और कमरों की मरम्मत के लिए तुरंत प्रभाव से ‘एस्टीमेट’ (प्राकलन) तैयार करने को कहा गया है, ताकि बजट स्वीकृत कराकर उन्हें जल्द से जल्द सुधारा जा सके।
प्रशासन की इस मुस्तैदी से जहां एक ओर पालकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर थोड़ी राहत है, वहीं दूसरी ओर लापरवाही बरतने वाले स्कूल प्रबंधनों और प्रभारियों में हड़कंप का माहौल है।





