Indus Waters Treaty Pakistan Threat : पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में धमकी दी है कि अगर किसी ने पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोकने की कोशिश की, तो वे उन हाथों को काट देंगे…उनका ये बयान सीधे टूर पर भारत के लिए है…क्योकि भारत द्वारा 2025 पहलगाम आतंकी हमले के बाद ‘सिंधु जल संधि’ (Indus Waters Treaty) को स्थगित करने और पानी के प्रवाह को रोकने के कड़े रुख के बाद पाकिस्तान ने यह गीदड़भभकी दी है,,और ऐसा वो पहले भी कर चुका है…
Indus Waters Treaty Pakistan Threat : ‘पानी’ पर टशन, पाकिस्तान की बढ़ी टेंशन
21 जून को पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सिंधु जल संधि स्थगित रहने को लेकर भारत को धमकी दी थी। आसिफ ने कहा था कि अगर पाकिस्तान को लगा कि उसकी जल सुरक्षा खतरे में है, तो वह भारत के खिलाफ जंग छेड़ सकता है। ऐसे में पाकिस्तान कभी जंग तो कभी हाथ काटने की बात कर रहा है जो भारत के लिए एक बहुत बड़ा सवाल है कि, जो पकिस्तान आज भीख मांगने को तैयार है, वो हमें धमकी देने की हैसियत रखता है या फिर इन बयानों के पीछे किसी तीसरी शक्ति का हाथ है ? इसी पर विस्तार से करेंगे चर्चा उससे पहले देखिये ये रिपोर्ट |
Indus Waters Treaty Pakistan Threat : भारत के पानी रोकने से तिलमिलाया पाकिस्तान
पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि पर एक बार फिर भारत को धमकी दी है। उन्होंने दावा किया कि भारत पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकना चाहता है। मुसादिक मलिक ने कहा, पड़ोसी देश के प्रधानमंत्री के हाथ में एक नल है। वे कहते हैं कि पाकिस्तान में पानी की एक बूंद भी नहीं जाने देंगे। जो हमारे हिस्से के पानी पर दावा करेंगे, उनके हाथ काट दिए जाएंगे।
Indus Waters Treaty Pakistan Threat : हमारा पानी रोका तो हाथ काट देंगे – पाकिस्तान
उधर पकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि सिंधु जल संधि कानूनी रूप से अब भी लागू है। भारत इसे न तो एकतरफा स्थगित कर सकता है, न रद्द कर सकता है और न ही इसमें बदलाव कर सकता है। इस्लामाबाद में आज सिंधु जल संधि पर पहला अंतरराष्ट्रीय सेमिनार हुआ… जिसमे कानूनी एक्सपर्ट, जल एक्सपर्ट्स और विदेशी प्रतिनिधि शामिल हुए। सेमिनार में संधि के कानूनी और तकनीकी पहलुओं पर चर्चा हुई सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत पाकिस्तान के अधिकार सुरक्षित हैं।
Indus Waters Treaty Pakistan Threat : पाकिस्तान की धमकी वॉर, क्या होगा भारत का पलटवार
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पहले भी साफ कर चुके हैं कि पानी हमारी जीवनरेखा है और यह हमारी रेड लाइन भी है। जिसको लेकर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने 21 जून को सिंधु जल संधि स्थगित रहने को लेकर भारत को धमकी दी थी। आसिफ ने कहा था, अगर पाकिस्तान को लगा कि उसकी जल सुरक्षा खतरे में है, तो वह भारत के खिलाफ जंग छेड़ सकता है।
Indus Waters Treaty Pakistan Threat : सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान में सेमिनार, फिर मुंह की खायेगा पाकिस्तान
आपको बता दें कि अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक संधि बहाल नहीं की जाएगी। भारत सरकार का स्पष्ट मानना है कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते |
दरअसल पकिस्तान की तिलमिलाहट इसलिए भी ज्यादा है….
Indus Waters Treaty Pakistan Threat : क्यों तिलमिलाया पाकिस्तान ?
• पाकिस्तान में खेती की 90% जमीन यानी 4.7 करोड़ एकड़ एरिया में सिंचाई के लिए पानी
• सिंधु नदी प्रणाली से मिलता है,पाकिस्तान की नेशनल इनकम में एग्रीकल्चर सेक्टर की हिस्सेदारी 23% है
• इससे 68% ग्रामीण पाकिस्तानियों की जीविका चलती है, ऐसे में पाकिस्तान में आम लोगों के साथ-साथ
• वहां की बेहाल अर्थव्यवस्था और बदतर होने लगी है, पाकिस्तान के मंगल और तारबेला
• हाइड्रोपावर डैम को पानी नहीं मिल पा रहा है, इससे पाकिस्तान के बिजली उत्पादन में 30% से 50%
• तक की कमी आ सकती है, साथ ही औद्योगिक उत्पादन और रोजगार पर असर पड़ेगा
बहरहाल पाकिस्तान की गीदड़ भभकी से भारत को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला, भारत अपनी नीति और रणनीति पर काम करेगा लेकिन इस तरह की धमकी का जवाब भारत किस तरह देगा इस पर सबकी नजरे है |
Indus Waters Treaty Pakistan Threat : भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौता क्या है?
• सिंधु नदी प्रणाली में कुल 6 नदियां हैं – सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज
• इनके किनारे का इलाका करीब 11.2 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है
• इसमें 47% जमीन पाकिस्तान, 39% जमीन भारत, 8% जमीन चीन और 6% जमीन अफगानिस्तान में है
• इन सभी देशों के करीब 30 करोड़ लोग इन इलाकों में रहते हैं, 1947 में भारत और पाकिस्तान
• के बंटवारे के पहले से ही भारत के पंजाब और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच नदियों के पानी के
• बंटवारे का झगड़ा शुरू हो गया था, 1947 में भारत और पाकिस्तान के इंजीनियरों के बीच
• ‘स्टैंडस्टिल समझौता’ हुआ, इसके तहत दो मुख्य नहरों से पाकिस्तान को पानी मिलता रहा
• ये समझौता 31 मार्च 1948 तक चला, 1 अप्रैल 1948 को जब समझौता लागू नहीं रहा तो भारत ने
• दोनों नहरों का पानी रोक दिया, इससे पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की 17 लाख एकड़ जमीन पर खेती
• बर्बाद हो गई, दोबारा हुए समझौते में भारत पानी देने को राजी हो गया, इसके बाद 1951 से लेकर
• 1960 तक वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में भारत पाकिस्तान में पानी के बंटवारे को लेकर बातचीत चली
• आखिरकार 19 सितंबर 1960 को कराची में भारत के PM नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति
• अयूब खान के बीच दस्तखत हुए, इसे इंडस वाटर ट्रीटी या सिंधु जल संधि कहा जाता है

