Report: Alok Bharadwaj
Bhind Education Department Diet Principal Charge मध्यप्रदेश के शिक्षा विभाग में इन दिनों नियमों को ताक पर रखकर प्रभार सौंपने और ट्रांसफर करने का दौर तेजी से चल रहा है। इसी सिलसिले में भिंड जिला शिक्षा विभाग से भी एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ नियमों और आवश्यक योग्यताओं को पूरी तरह दरकिनार करते हुए एक शिक्षक को जिला स्तर के महत्वपूर्ण पद का प्रभार सौंप दिया गया है। भिंड डाइट (जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान) में आनंद स्वरूप शर्मा पिछले एक साल से अधिक समय से प्रभारी प्राचार्य के पद पर आसीन हैं, जिसे लेकर अब विभागीय गलियारों में सवाल उठने लगे हैं।
Bhind Education Department Diet Principal Charge आवश्यक योग्यताओं को दरकिनार कर दिया गया डाइट प्राचार्य का प्रभार
Bhind Education Department Diet Principal Charge विभागीय नियमानुसार, डाइट प्राचार्य जैसे महत्वपूर्ण और जिम्मेदारी वाले पद हेतु शिक्षा शास्त्र में मास्टर डिग्री (उच्च शैक्षणिक योग्यता) धारी वरिष्ठ शिक्षक या अधिकारी को ही प्रभार दिया जाना चाहिए। लेकिन भिंड में इन सभी गाइडलाइंस को ताक पर रखकर आनंद स्वरूप शर्मा को विगत एक वर्ष से प्रभारी प्राचार्य का दायित्व सौंप रखा है। हैरान करने वाली बात यह है कि इसी डाइट कार्यालय में प्राचार्य पद की पूर्ण योग्यता रखने वाले दो वरिष्ठ शिक्षक पहले से ही पदस्थ हैं। इनमें से एक तत्कालीन एपीसी (APC) और दूसरे तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीसी) रह चुके हैं। वर्तमान में हाईस्कूल प्राचार्य के पद पर कार्यरत इन दोनों शिक्षकों के पास शिक्षा विभाग के बड़े कार्यक्रमों का लंबा अनुभव है और दोनों मास्टर डिग्रीधारी भी हैं, फिर भी उनकी अनदेखी की गई है।
Bhind Education Department Diet Principal Charge एक ही शिक्षक को चार-चार जगह का प्रभार, ऑफिस के चक्कर काट रहे कर्मचारी
प्रभारी प्राचार्य आनंद स्वरूप शर्मा की मूल पदस्थापना भारौली में है, जहाँ वे इतिहास विषय के उच्च माध्यमिक शिक्षक होने के साथ-साथ संस्था के प्राचार्य भी हैं। इसके अलावा उनके पास प्रशासनिक मेहरबानी के चलते कई अन्य महत्वपूर्ण प्रभार भी हैं:
- संकुल प्रभार: उनके पास खैरोली संकुल प्रभारी का दायित्व है।
- अतिरिक्त संकुल: वे कनाथर संकुल केंद्र के भी प्रभारी बने हुए हैं।
- परीक्षा व अन्य कार्य: इन सबके अतिरिक्त उनके पास नीट (NEET) परीक्षा के नोडल अधिकारी का प्रभार है और साथ ही वे शासकीय पहचान पत्र (यूनीक आईडी) से जुड़े कार्यों के प्रभार की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
इस बहु-प्रभार प्रणाली का नतीजा यह है कि जब भी किसी संकुल के कर्मचारियों को आधिकारिक काम होता है, तो उन्हें इस भीषण गर्मी में भारी भागदौड़ करके डाइट कार्यालय आना पड़ता है, क्योंकि साहब अधिकांश समय वहीं मिलते हैं।
Bhind Education Department Diet Principal Charge अतिरिक्त प्रभार बना बच्चों के भविष्य का दुश्मन, इतिहास पढ़ने से वंचित छात्र
इस नियमविरुद्ध और अतिरिक्त प्रभार सौंपने की नीति का सबसे घातक असर स्कूली बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है। आनंद स्वरूप शर्मा की मूल पदस्थापना भारौली हायर सेकेंडरी विद्यालय में इतिहास के उच्च माध्यमिक शिक्षक के रूप में है। उनके जिला स्तर के कार्यों और तमाम प्रभारों में व्यस्त रहने के कारण भारौली स्कूल में इतिहास जैसे महत्वपूर्ण विषय को पढ़ाने वाला कोई दूसरा शिक्षक मौजूद नहीं है। शासन की इस व्यवस्था के कारण विद्यालय में अध्ययनरत एक दर्जन से अधिक छात्र-छात्राएं अपने विषय की पढ़ाई से पूरी तरह वंचित हैं, जिससे उनका शैक्षणिक भविष्य अंधकार में लटक गया है।





