Petrol Diesel Price Hike : पेट्रोल 7.35 रुपये और डीजल 7.82 रुपये प्रति लीटर महंगा ,तेल कंपनियों को भारी नुकसान,जनता की जेब से हो रहा भुगतान
Petrol Diesel Price Hike : पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सोमवार को फिर वृद्धि हुई । पिछले 10 दिनों में यह चौथी बार है जब तेल की कीमतों में तेजी आई है। जानकारों का मानना है कि आगे भी कीमत और बढ़ सकती है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की ऊंची कीमतों और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने सोमवार को एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी कर दी है। लंबे अंतराल के बाद हाल में 15 मई को पहली बार तेल की कीमतों में वृद्धि हुई थी। तब से लेकर अब तक पेट्रोल 7.35 रुपये और डीजल 7.82 रुपये प्रति लीटर महंगे हो चुके हैं। तेल अधिकारियों का कहना है कि इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतें और रुपये के अवमूल्यन के कारण बढ़ी हुई आयात लागत है। ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के अधिकारियों ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार अस्थिरता और अंडर-रिकवरी (लागत से कम पर बिक्री) ने तेल खुदरा विक्रेताओं पर भारी दबाव बना दिया है। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, पिछली बढ़ोतरी के बावजूद तेल कंपनियां अब भी भारी नुकसान का सामना कर रही हैं। ऐसा नहीं है कि पेट्रोल-डीजल में यह तेजी थम जाएगी। जानकारों के मुताबिक आने वाले दिनों में ईंधन की कीमत और बढ़ सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि तेल कंपनियां अपना घाटा कम करना चाहती हैं।
Petrol Diesel Price Hike : दरअसल, पिछले काफी समय से कच्चे तेल की कीमत प्रति बैरल 100 डॉलर से ऊपर बनी हुई है। वहीं डॉलर के मुकाबले रुपये में रिकॉर्ड गिरावट आई है। इसके चलते तेल कंपनियों को बड़ा घाटा हो रहा है। कंपनियां पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ाकर अपना घाटा कम करने पर लगी हैं। तेल कंपनियों ने आज, 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.12 और डीजल की कीमत ₹95.20 हो गई है। ऐसे में आम लोग महंगाई की मार से जूझ रहे है, और पेट्रोल डीजल के साथ ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ सकता है, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो जाएंगे। ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा खर्च करना होगा, जिससे अनाज की लागत बढ़ेगी। सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बसों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है। ऐसे में बड़ा सवाल है इस ये बढ़ती महंगाई से जनता को कब दो चार होना पड़ेगा ?
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