Pandokhar Dham : सनातन संस्कृति का भव्य महोत्सव जारी
Pandokhar Dham : मध्य प्रदेश स्थित पांडोखर सरकार धाम में इन दिनों सनातन संस्कृति का भव्य उत्सव देखने को मिल रहा है। तीसरा ‘श्री पांडोखर सरकार धाम महोत्सव’ 2 अप्रैल से 22 अप्रैल तक निरंतर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर से संत-महात्मा और श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।इसी क्रम में धाम के पीठाधीश्वर अनंत श्री विभूषित पंडित गुरु शरण शर्मा जी महाराज का जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।

Pandokhar Dham : संतों के आगमन से धाम में आध्यात्मिक ऊर्जा
इस पावन अवसर पर करौली सरकार के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव जी और अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि नंद गिरि जी महाराज धाम पहुंचे।दोनों संतों ने गुरुदेव को भगवा शाल ओढ़ाकर, फल-फूल एवं मिष्ठान अर्पित कर जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं और उनके स्वस्थ व दीर्घायु जीवन की कामना की। इस दौरान धाम में मौजूद श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
Pandokhar Dham : सनातन उत्थान के कार्यों की सराहना
महामंडलेश्वर करौली शंकर महादेव जी ने अपने संबोधन में कहा कि पांडोखर धाम द्वारा सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे कार्य अत्यंत प्रेरणादायक हैं। उन्होंने गुरुदेव को करौली धाम आने का निमंत्रण भी दिया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया।
Pandokhar Dham : सरकार से सुरक्षा और सहयोग की मांग
जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि नंद गिरि जी महाराज ने भी गुरुदेव को जन्मोत्सव की बधाई देते हुए उनके कार्यों को विलक्षण बताया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की कि पांडोखर सरकार और करौली सरकार जैसे आध्यात्मिक केंद्रों की सेवाओं का राष्ट्रहित में उपयोग किया जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय में वे जल्द ही केंद्र सरकार को पत्र लिखेंगे, जिस पर उपस्थित संतों ने “हर हर महादेव” के जयघोष के साथ समर्थन जताया।
Pandokhar Dham : पांडवों से जुड़ी पावन भूमि का महत्व
स्वामी चक्रपाणि जी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पांडोखर धाम एक सिद्ध स्थल है, जहां पौराणिक मान्यताओं के अनुसार पांडवों ने अज्ञातवास के दौरान निवास किया था। उन्होंने इसे दिव्य और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर स्थान बताया।
Pandokhar Dham : साधना, सेवा और सरलता की मिसाल
उन्होंने गुरुदेव गुरु शरण शर्मा जी की सादगी, सहजता और सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि वे बिना किसी अहंकार के समाज और मानवता के लिए कार्य कर रहे हैं। लोगों के दुख-दर्द दूर करने का उनका प्रयास ही सच्चे संत की पहचान है।
Pandokhar Dham : पूजा-अर्चना और प्रसाद का आयोजन
कार्यक्रम के बाद सभी संत-महात्मा श्री हथीवान धाम (गुरु स्थान) पहुंचे, जहां हनुमान जी और अन्य सिद्ध संतों की विधिवत पूजा-अर्चना और आरती की गई। इसके पश्चात सभी ने सामूहिक रूप से दिव्य प्रसाद ग्रहण किया।स्थानीय व्यंजनों से सजे इस प्रसाद का सभी ने आनंद लिया और आयोजन की भव्यता की सराहना की।
Pandokhar Dham : संतों का संदेश, एकता से ही मजबूत होगा सनातन
कार्यक्रम के अंत में संतों ने कहा कि इस प्रकार के आध्यात्मिक संगम सनातन धर्म को मजबूत करते हैं। जब संत एक साथ बैठकर विचार करेंगे, तभी समाज संगठित होगा और भारत पुनः विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।इस आयोजन में गोल्डन बाबा, जगद्गुरु योगेश्वरानंद जी, जगद्गुरु प्रपन्नाचार्य जी महाराज सहित कई संत-महात्मा मौजूद रहे।

