Nari Shakti Vandan: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम याने महिला आरक्षण कानून को महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम बताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह कानून देश की महिलाओं को नीति-निर्माण में बड़ी भूमिका निभाने का अवसर देगा। इसी को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखा और उसमें अधिनियम की महत्ता का उल्लेख किया। उन्होंने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए इसे देश के इतिहास में एक ऐतिहासिक कदम बताया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कानून न केवल महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी में मजबूत करेगा, बल्कि समाज में उनकी भूमिका को भी नई पहचान देगा।
Nari Shakti Vandan: पत्र में अधिनियम की महत्ता का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं के सम्मान, अधिकार और भागीदारी को लेकर कई ठोस फैसले लिए गए हैं, जिनमें यह अधिनियम विशेष महत्व रखता है। उन्होंने इसे ‘नए भारत’ की सोच और महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजनीति से परे जाकर मध्य प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखा और अधिनियम की महत्ता का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि 16 अप्रैल से देश की संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पूर्ण क्रियान्वयन को लेकर ऐतिहासिक चर्चा होने जा रही है। यह केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक अवसर है जब हमारे लोकतंत्र को और अधिक समावेशी और सशक्त बनाने का एक महायज्ञ किया जा रहा है। आपको बता दें कि संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र 16 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है।
Nari Shakti Vandan: सभी राजनीतिक दल पहल का समर्थन करें- सीएम
सत्र के दौरान, महिलाओं के लिए 33 % आरक्षण का प्रस्ताव करने वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को अनुमोदन के लिए पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पर जोर दिया है। मध्यप्रदेश की मोहन सरकार भी नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत 10 से 25 अप्रैल तक पखवाड़ा भी मना रही है, जिसके तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक पहल का समर्थन करने के लिए दलगत राजनीति से ऊपर उठें।

