रिपोर्ट: शैलेंद्र पारे
Ratlam मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देशानुसार, किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम दिलाने के लिए प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग में आज से खरीदी केंद्रों पर अनाज की तुलाई शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य किसानों को बिचौलियों से बचाकर पारदर्शी तरीके से उनकी फसल खरीदना और त्वरित भुगतान सुनिश्चित करना है।
किसानों के हित में बड़ा निर्णय
— Agriculture Department, MP (@minmpkrishi) April 9, 2026
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गेहूं उपार्जन आज से शुरू..
✅इंदौर, उज्जैन, भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग में
✅𝟏𝟓 अप्रैल से पूरे प्रदेश में उपार्जन प्रक्रिया शुरू
✅₹𝟐𝟔𝟐𝟓 प्रति क्विंटल की दर से खरीदी सुनिश्चित@DrMohanYadav51#MadhyaPradesh pic.twitter.com/IlVCBvLbPh

Ratlam पहले दिन ढोढर और रिंगनोद में शुरू हुई तुलाई
रतलाम जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदी के पहले दिन जिले के ढोढर और रिंगनोद केंद्रों पर गेहूं की आवक शुरू हुई। प्रशासन ने पहले दिन पहुँचे किसानों का स्वागत किया और सुचारू तुलाई सुनिश्चित की। अधिकारियों का दावा है कि केंद्रों पर पेयजल, छाया और बारदाने (बोरों) की पर्याप्त व्यवस्था की गई है ताकि तपती धूप में किसानों को असुविधा न हो।

Ratlam 66 केंद्रों पर होगी महा-खरीदी, 40 हजार किसानों ने कराया पंजीयन
प्रशासनिक योजना के अनुसार, पूरे जिले में कुल 66 खरीदी केंद्र स्थापित किए गए हैं।
- शुरुआत: 9 अप्रैल से 2 केंद्रों पर ट्रायल के तौर पर खरीदी शुरू हुई।
- विस्तार: शेष 64 केंद्रों पर 10 अप्रैल से पूर्ण रूप से खरीदी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
- पंजीयन: इस वर्ष जिले के लगभग 40,000 किसानों ने समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेचने के लिए ऑनलाइन पंजीयन कराया है।
Ratlam पारदर्शिता और त्वरित भुगतान पर जोर
मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए।

- समय पर भुगतान: किसानों के बैंक खातों में सीधे राशि ट्रांसफर करने के लिए सॉफ्टवेयर को अपडेट किया गया है।
- मैसेज सिस्टम: किसानों को स्लॉट बुकिंग के आधार पर मैसेज भेजे जा रहे हैं ताकि केंद्रों पर बेवजह भीड़ न जुटे।
- गुणवत्ता जांच: केंद्रों पर गेहूं की गुणवत्ता (FAQ ग्रेड) की जांच के लिए सर्वेयर तैनात किए गए हैं।
प्रशासन का संदेश: “किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। पंजीयन कराने वाले हर किसान का एक-एक दाना सरकार खरीदेगी। किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर केंद्रों पर मौजूद नोडल अधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है।”





