Indian Classical Music Festival: “नृत्य-संगीत में बसते हैं परमात्मा”- जगतगुरु स्वामी चक्रपाणि नंद गिरि जी का प्रेरक संदेश

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Indian Classical Music Festival

Indian Classical Music Festival: नई दिल्ली के मंडी हाउस स्थित श्री राम सेंटर में “सितार से सितारों तक” राष्ट्रीय संगीत एवं नृत्य महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को समर्पित रहा, जिसमें देशभर से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी।

पंडित रवि शंकर की जयंती पर विशेष आयोजन

यह कार्यक्रम पंडित रवि शंकर की 106वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। इस अवसर पर भारतीय शास्त्रीय संगीत की गरिमा और उसकी वैश्विक पहचान को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।

Indian Classical Music Festival: जगतगुरु स्वामी चक्रपाणि जी रहे मुख्य अतिथि

कार्यक्रम में स्वामी चक्रपाणि नंद गिरि मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने आशीर्वचन में भारतीय संस्कृति, संगीत और नृत्य के आध्यात्मिक महत्व को विस्तार से समझाया।

“नृत्य और संगीत साधना का माध्यम हैं”

Indian Classical Music Festival

अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में स्वामी जी ने कहा कि नृत्य और संगीत केवल कला नहीं, बल्कि साधना, ध्यान और परमात्मा से जुड़ने का माध्यम हैं। उन्होंने बताया कि सामवेद स्वयं संगीत और नृत्य से ओतप्रोत है, जो सनातन जीवन पद्धति का आधार है।

Indian Classical Music Festival: संगीत से विश्व में शांति संभव

स्वामी जी ने कहा कि आज के अशांत और संघर्षपूर्ण वैश्विक वातावरण में संगीत ही वह शक्ति है, जो मानवता को जोड़ सकती है। यह प्रेम, सद्भाव और शांति का संदेश देती है और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

भारतीय शास्त्रीय संगीत का महत्व

उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत को “आत्मा की आवाज” बताते हुए कहा कि यह मनुष्य को भीतर से जागृत करता है। उनके अनुसार, संगीत के बिना जीवन अधूरा है और यह मानसिक एवं आध्यात्मिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Indian Classical Music Festival: पारंपरिक वाद्य यंत्रों के संरक्षण पर जोर

स्वामी जी ने सितार, तबला, संतूर, शहनाई और कथक जैसी पारंपरिक विधाओं के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ये हमारी संस्कृति की आत्मा हैं और इन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है।

पाश्चात्य संगीत पर जताई चिंता

उन्होंने बढ़ते पाश्चात्य और पॉप संगीत पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसा संगीत क्षणिक आकर्षण तो देता है, लेकिन आत्मिक शांति नहीं देता। भारतीय संगीत ही वास्तविक रूप से कर्णप्रिय और आध्यात्मिक है।

Indian Classical Music Festival: सदानंद विश्वास के नेतृत्व में सफल आयोजन

इस कार्यक्रम का आयोजन प्रसिद्ध सांस्कृतिक कर्मी सदानंद विश्वास के नेतृत्व में किया गया। स्वामी जी ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया।

कुशल संचालन और शानदार प्रस्तुतियां

कार्यक्रम का संचालन विवेक जोशी द्वारा किया गया, जिनकी प्रस्तुति ने आयोजन को गरिमामयी बनाया। कार्यक्रम में कलाकारों ने सितार वादन, कथक नृत्य सहित विभिन्न शास्त्रीय विधाओं की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।

Indian Classical Music Festival: आयोजन टीम को मिला आशीर्वाद

अंत में स्वामी चक्रपाणि जी ने आयोजन टीम को बधाई देते हुए कहा कि वे इसी प्रकार भारतीय संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में निरंतर कार्य करते रहें।

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