BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi खाड़ी क्षेत्र में जारी युद्ध और भारी तनाव के बीच भारतीय ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी कामयाबी मिली है। भारतीय झंडे वाला एलपीजी टैंकर ‘ग्रीन सान्वी’ (Green Sanvee) सामरिक रूप से संवेदनशील ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को सफलतापूर्वक पार कर चुका है। 44,000 मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी से लदा यह विशाल जहाज अब तेजी से भारतीय तट की ओर बढ़ रहा है।

New Delhi 44,000 टन एलपीजी लेकर आ रहा है जहाज
युद्ध के कारण खाड़ी देशों से होने वाली गैस आपूर्ति बाधित होने का खतरा मंडरा रहा था। ऐसे में ‘ग्रीन सान्वी’ का सुरक्षित निकलना भारत के लिए बड़ी राहत है। शुक्रवार को होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने के बाद, ट्रैकिंग डेटा के अनुसार यह जहाज 6 अप्रैल 2026 तक मुंबई पोर्ट पहुँच सकता है। मार्च महीने के बाद से युद्धग्रस्त क्षेत्र से सुरक्षित निकलने वाला यह सातवां भारतीय एलपीजी टैंकर है।

New Delhi ईरान का ‘स्पेशल कॉरिडोर’ और भारतीय कूटनीति
जहाज ने ईरान के समुद्री इलाके में बने एक विशेष सुरक्षित कॉरिडोर का इस्तेमाल किया। गौरतलब है कि ईरान ने तनाव के चलते होर्मुज जलमार्ग पर कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं और वहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूल रहा है। हालांकि, भारत के साथ मजबूत द्विपक्षीय और दोस्ताना संबंधों के चलते ईरान ने भारतीय झंडे वाले जहाजों को विशेष छूट और सुरक्षित रास्ता (Safe Passage) प्रदान किया है।

New Delhi अभी भी 17 जहाज फंसे, डिप्लोमैटिक बातचीत जारी
भले ही ग्रीन सान्वी सुरक्षित निकल आया हो, लेकिन फारस की खाड़ी में अभी भी भारतीय झंडे वाले 17 अन्य जहाज फंसे हुए हैं, जो होर्मुज के पूरब में क्लीयरेंस का इंतजार कर रहे हैं। भारत सरकार लगातार ईरानी अधिकारियों के साथ कूटनीतिक स्तर पर बातचीत कर रही है ताकि ‘ग्रीन आशा’ और ‘जग विक्रम’ जैसे अन्य महत्वपूर्ण टैंकरों को भी जल्द और सुरक्षित तरीके से भारत लाया जा सके।
Read this: Hailstorm : ग्वालियर में भीषण आंधी-तूफान के साथ गिरे रिकॉर्ड तोड़ ओले, मौसम ने बदला मिजाज





