MP: पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने शासकीय सेवकों को 1 जुलाई 2025 से तथा पेंशनरों को देय अवधि में 6 माह की कटौती कर 1 जनवरी 2026 से 3% महंगाई राहत देने के आदेश को असंवैधानिक बताया है। एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी एवं प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने कहा कि डीआर की अवधि में कटौती हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पश्चिम बंगाल के कर्मचारियों के संदर्भ में दिए गए निर्णय की स्पष्ट अवमानना है।
MP: सरकार के पास कटौती का अधिकार नहीं
भोपाल जिले के अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने कहा कि डीआर की अवधि में कटौती करने का सरकार के पास न तो कोई नियम है और न ही अधिकार। उन्होंने इसे पेंशनरों के अधिकारों का उल्लंघन बताया।
MP: मुख्य सचिव और वित्त सचिव को लिखा पत्र
प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के मुख्य एवं वित्त सचिव को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि महंगाई राहत की अवधि में कटौती संवैधानिक व्यवस्था के प्रतिकूल है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर वृद्ध पेंशनरों को आर्थिक कठिनाइयों में जीवन यापन करने के लिए विवश कर रही है।
MP: पुनर्गठन अधिनियम को लेकर उठाए सवाल
एसोसिएशन के प्रांतीय उपाध्यक्ष संतोष ठाकुर, शैलेंद्र नाथ श्रीवास्तव, प्रांतीय सचिव रामगोपाल माथुर एवं यशवंत सिंह वैस ने कहा कि मध्य प्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 एकीकृत मध्य प्रदेश के पेंशनरी दायित्वों के विभाजन पर लागू है, न कि उतरवर्ती पेंशनरी दायित्वों पर। उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि एकीकृत मध्य प्रदेश के शासकीय सेवकों के सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान से पहले सहमति क्यों नहीं ली जा रही है।
MP: 81 माह के बकाया भुगतान की मांग
प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने सरकार से 81 माह के बकाया महंगाई राहत का 18% ब्याज सहित भुगतान करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों से केवल महंगाई राहत को ही लक्ष्य बनाकर सहमति के आधार पर पेंशनरों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है।





