Isa Ahmad
Naxal Surrender Bastar: Dantewada जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत एक बड़ी सफलता मिली है। “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल से प्रभावित होकर दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े 5 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है।
इन आत्मसमर्पित नक्सलियों में 4 महिला कैडर भी शामिल हैं। सभी पर कुल 9 लाख रुपये का इनाम घोषित था। कार्यक्रम पुलिस लाइन कारली में आयोजित किया गया, जिसमें पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
Naxal Surrender Bastar: हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटे नक्सली
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में भैरमगढ़ और गंगालूर एरिया कमेटी के सदस्य शामिल हैं। प्रमुख कैडरों में सोमे कड़ती, लखमा ओयाम, सरिता पोड़ियाम, जोगी कलमू और मोटी ओयाम के नाम शामिल हैं। इन सभी ने माओवादी संगठन की कमजोर होती स्थिति को स्वीकार करते हुए हिंसा का रास्ता छोड़ने का फैसला लिया।
Naxal Surrender Bastar: 40 हथियारों की बरामदगी, बड़ी उपलब्धि
आत्मसमर्पित कैडरों से मिली जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विभिन्न स्थानों से 40 घातक हथियार बरामद किए हैं। इनमें एसएलआर, इंसास रायफल, बीजीएल लॉन्चर और अन्य हथियार शामिल हैं। इसे नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
Naxal Surrender Bastar: 09 लाख के इनामी कैडर ने छोड़ा हिंसा का रास्ता, 4 महिला नक्सली भी शामिल
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2024 से अब तक दंतेवाड़ा जिले में 607 माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं। वहीं 92 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है और 54 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए हैं।
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Naxal Surrender Bastar: सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता, 40 घातक हथियारों का जखीरा बरामद
प्रशासन का कहना है कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन के अवसर दिए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में स्थायी शांति और विकास को बढ़ावा देना है।





