Report: Vandna Rawat
Lucknow प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। सीएम योगी ने इस एयरपोर्ट को उत्तर प्रदेश के ‘पोटेंशियल’ (क्षमता) को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला एक निर्णायक कारक बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प की सिद्धि है।

Lucknow ग्लोबल एविएशन मैप पर यूपी का उदय और भविष्य की योजना
Lucknow मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को ग्लोबल एविएशन मैप पर एक नई पहचान दिलाएगा। वर्तमान में एक रनवे के साथ शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट आने वाले वर्षों में 5 रनवे के साथ दुनिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शुमार होगा।

- कनेक्टिविटी का हब: यह एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे बड़े नेटवर्कों से जुड़ेगा।
- रोजगार और निवेश: एयरपोर्ट के आसपास डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर यूनिट, अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क और फिनटेक सिटी जैसे प्रोजेक्ट्स से लाखों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
Lucknow ‘बॉटलनेक’ से ‘ब्रेकथ्रू’ तक का सफर: विपक्ष पर प्रहार
सीएम योगी ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि 2002 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश अराजकता और अव्यवस्था का शिकार रहा।

“पिछली सरकारों के नकारेपन ने प्रदेश को विकास के ‘बॉटलनेक’ के रूप में छोड़ दिया था। लेकिन पिछले 9 वर्षों में डबल इंजन की सरकार ने इसे ‘ब्रेकथ्रू’ में बदल दिया है। हमने जिसका शिलान्यास (25 नवंबर 2021) किया, आज उसका उद्घाटन भी कर रहे हैं।”
Lucknow वैश्विक संकट और प्रधानमंत्री का आभार
मुख्यमंत्री ने वैश्विक स्तर पर बढ़ते पेट्रोलियम दामों के बीच भारत की स्थिरता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जहाँ अमेरिका और पड़ोसी देशों में ईंधन की भारी कमी और महंगाई है, वहीं भारत में प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच से आपूर्ति सुगम बनी हुई है। उन्होंने हाल ही में एक्साइज ड्यूटी में की गई कटौती के लिए 25 करोड़ प्रदेशवासियों की ओर से पीएम मोदी का हृदय से आभार व्यक्त किया।
किसानों का योगदान: संघर्ष की जगह संवाद
सीएम योगी ने इस महापरियोजना के लिए भूमि देने वाले अन्नदाता किसानों के प्रति विशेष कृतज्ञता ज्ञापित की। उन्होंने कहा कि अतीत में यहाँ भूमि अधिग्रहण को लेकर आंदोलन होते थे, लेकिन वर्तमान सरकार ने किसानों से सीधा संवाद किया। समयबद्ध मुआवजे और बेहतर पुनर्वास के कारण ही किसानों ने स्वेच्छा से 13 हजार एकड़ भूमि इस राष्ट्रहित के कार्य के लिए समर्पित की।
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