Report: sanjeev kumar
Bokaro रामनवमी के अवसर पर निकलने वाले भव्य जुलूसों और महावीर झंडा विसर्जन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बोकारो पुलिस ‘अलर्ट मोड’ पर है। गुरुवार को रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग पर पुलिस बल ने अपनी युद्धक क्षमता और भीड़ नियंत्रण की रणनीतियों का सफल प्रदर्शन किया।
Bokaro दंगाइयों से निपटने का सजीव प्रदर्शन
मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस कर्मियों ने एक वास्तविक दंगे जैसी स्थिति का निर्माण किया। इसमें दिखाया गया कि यदि कोई भीड़ उग्र होती है या कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने की कोशिश करती है, तो पुलिस उससे कैसे निपटेगी:
- बल प्रयोग: उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और आवश्यकता पड़ने पर लाठी चार्ज का भी अभ्यास किया गया।
- त्वरित चिकित्सा: ड्रिल में केवल सख्ती ही नहीं, बल्कि संवेदनशीलता भी दिखी। लाठी चार्ज में ‘घायल’ हुए लोगों को तत्काल प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल पहुँचाने की प्रक्रिया को भी दोहराया गया।
Bokaro आत्मविश्वास जगाने का प्रयास: एसपी हरविंदर सिंह
मौके पर मौजूद एसपी हरविंदर सिंह ने कहा कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य पुलिस की कार्यप्रणाली का आकलन करना और आम नागरिकों के मन में आत्मविश्वास पैदा करना है। उन्होंने स्पष्ट किया:
“कल पूरे जिले में रामभक्त महावीर झंडा लेकर जुलूस निकालेंगे। यह मॉक ड्रिल उपद्रवियों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है—अगर किसी ने भी त्योहार के सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास किया, तो बोकारो पुलिस इसी तरह सख्ती से निपटेगी।”
Bokaro सुरक्षा के कड़े पहरे में बोकारो
पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि रामनवमी के दौरान हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। मॉक ड्रिल के माध्यम से पुलिस ने अपनी तकनीक, तालमेल और समयबद्धता का सफल परीक्षण किया है। जिले के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है और सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं।





