US Israel airstrike Iran : तेहरान/तेल अवीव। पश्चिम एशिया में तनाव बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत होने का दावा किया गया है। बताया जा रहा है कि राजधानी तेहरान स्थित उनके कार्यालय परिसर पर भारी मिसाइल हमला किया गया, जिसमें उनके परिवार के सदस्यों और कई सैन्य अधिकारियों की भी जान गई।

US Israel airstrike Iran : आधिकारिक दावों से बढ़ा तनाव
हमले के बाद बेंजामिन नेतन्याहू ने देर रात बयान जारी कर खामेनेई के मारे जाने की बात कही। इसके कुछ समय बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी सोशल मीडिया पर इसी तरह का दावा किया। ईरान की सरकारी एजेंसियों ने भी बाद में उनकी मौत की पुष्टि करने की बात कही है।
ईरान सरकार ने 40 दिन के राष्ट्रीय शोक और एक सप्ताह की सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा की है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इसे देश के लिए बड़ी क्षति बताया है।

US Israel airstrike Iran : बड़े पैमाने पर तबाही
अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमलों में तेहरान सहित कई बड़े शहरों को निशाना बनाया गया। विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हमलों में 200 से अधिक लोगों की मौत और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। कुछ इलाकों में रिहायशी और शैक्षणिक संस्थानों को भी नुकसान पहुंचा है।
US Israel airstrike Iran : ईरान की चेतावनी
ईरानी सेना ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह “अब तक का सबसे बड़ा और खतरनाक अभियान” शुरू करने जा रही है। जवाबी कार्रवाई में इजराइल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है।
US Israel airstrike Iran : जवाबी हमले और क्षेत्रीय असर
ईरान ने ड्रोन और मिसाइलों के जरिए इजराइल पर सैकड़ों हमले करने का दावा किया है। साथ ही खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। क्षेत्र के कई देशों में अलर्ट जारी किया गया है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
US Israel airstrike Iran : क्यों बढ़ा टकराव?
ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच लंबे समय से कई मुद्दों पर तनाव बना हुआ है—
ईरान का परमाणु कार्यक्रम
बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता
इजराइल के खिलाफ ईरान का कड़ा रुख
पश्चिम एशिया में प्रभाव को लेकर शक्ति संघर्ष
अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंध

US Israel airstrike Iran : खामेनेई का राजनीतिक सफर
1939 में मशहद में जन्मे खामेनेई इस्लामी क्रांति के प्रमुख चेहरों में रहे। 1981 में वे ईरान के राष्ट्रपति बने और 1989 में रूहोल्लाह खोमैनी के निधन के बाद देश के सर्वोच्च नेता नियुक्त हुए। वे तीन दशक से अधिक समय तक ईरान की राजनीति और नीतियों के केंद्र में रहे।

