रिपोर्ट- सुजीत मंडल
CG Naxal surrender : पखांजूर से नक्सल मोर्चे पर बड़ी खबर सामने आई है। जिले में सक्रिय माओवादी नेता मल्लेश ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। जानकारी के अनुसार मल्लेश ने छोटेबेठिया स्थित बीएसएफ कैंप में AK-47 के साथ हथियार डाल दिए। यह आत्मसमर्पण ग्रामीणों के साथ पहुंचकर किया गया, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा बलों के बढ़ते विश्वास का संकेत माना जा रहा है।

CG Naxal surrender : BSF अधिकारियों के सामने किया सरेंडर
माओवादी नेता मल्लेश ने Border Security Force की जी ब्रांच सेक्टर टीम और 94वीं वाहिनी के कमांडेंट राघवेंद्र सिंह के सामने आत्मसमर्पण किया।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह आत्मसमर्पण नक्सल विरोधी अभियान के तहत चलाए जा रहे जनजागरण और विश्वास निर्माण प्रयासों का परिणाम है।

CG Naxal surrender : नक्सल नेटवर्क को झटका
क्षेत्र में सक्रिय एक महत्वपूर्ण माओवादी के सरेंडर से संगठन को झटका
हथियार सहित आत्मसमर्पण को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा
ग्रामीणों की मौजूदगी से स्थानीय समर्थन में बदलाव के संकेत
सुरक्षा बलों का मानना है कि ऐसे आत्मसमर्पण से नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति बहाली और विकास कार्यों को गति मिलेगी।
CG Naxal surrender : 2026 में प्रमुख नक्सल सरेंडर
बस्तर (चोटे बेठिया BSF कैंप)
वरिष्ठ माओवादी कमांडर मल्लेश तथा अन्य नक्सलियों ने AK-47 सहित हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया — यह इसी अवधि का नवीनतम सरेंडर है।
छत्तीसगढ़ (कुछ ज़िलों में)
‘पूना मारगेम’ अभियान के अंतर्गत 81 नक्सलियों ने लगभग 48 घंटों में सरेंडर किया।गोंदिया- लगभग 11 माओवादियों, जिनमें कुछ कमज़ोर नेता शामिल थे, ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया।
धमतरी- यहाँ 9 नक्सलियों ने पुलिस और सुरक्षा कर्मियों के सामने हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया। अधिकृत केंद्र या गृह मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट अभी जारी नहीं हुई है, इसलिए निम्न अनुमान मीडिया/सुरक्षा बलों के बयानों के आधार पर है:
कुल सरेंडर मामलों की पुष्टि (जहां संख्या उपलब्ध)
- ~81 नक्सली (छत्तीसगढ़)
- ~11 नक्सल (महाराष्ट्र/गोंदिया)
- ~9 नक्सल (धमतरी, Chhattisgarh)
- + मल्लेश जैसे वरिष्ठ कमांडर सहित कई अन्य (एक समूह)
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