MPRDC’s Action : ठेकेदारों पर FIR, जिम्मेदार अधिकारियों की पेंशन रोकने की तैयारी
By: Vijay Nandan
MPRDC’s Action : जबलपुर, NH-45 पर शहपुरा में बने रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) का छह महीने में दूसरा हिस्सा गिरने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। सोमवार देर रात मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) ने इस मामले में ठेका कंपनी के दो प्रतिनिधियों के खिलाफ जबलपुर के शहपुरा थाने में बीएनएस की धारा 285, 290, 324(5), 125 और 3(5) के तहत FIR दर्ज कराई है।
संभागीय महाप्रबंधक, MPRDC जबलपुर राकेश मोरे के प्रतिवेदन पर सड़क निर्माण का ठेका लेने वाली बांसवाड़ा (राजस्थान) की कंपनी वागड़ इन्फ्रा प्रा.लि. और मेसर्स सोरठिया वेल्जी रत्ना (जेवी) के अधिकृत प्रतिनिधि विनोद जैन तथा मेसर्स आईसीटी प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली के टीम लीडर हुकम सिंह परमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
MPRDC’s Action : दो पूर्व अधिकारियों पर भी कार्रवाई
निर्माण के दौरान तैनात रहे दो अधिकारियों MPRDC के तत्कालीन संभागीय प्रबंधक आर.पी. सिंह और तत्कालीन सहायक महाप्रबंधक, जबलपुर संतोष वर्मा पर लापरवाही, निगरानी में कमी और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी के आरोप में कार्रवाई की गई है। उनकी पेंशन रोकने या वापस लेने के लिए MPRDC ने राज्य शासन को पत्र लिखा है। पूरे मामले की जांच केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने भी शुरू कर दी है।
MPRDC’s Action : MPRDC के प्रबंध संचालक ने शासन को लिखा पत्र
MPRDC के प्रबंध संचालक भरत यादव ने देर रात लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव को लिखे पत्र में बताया कि प्रतिनियुक्ति पर रहे तत्कालीन संभागीय प्रबंधक आर.पी. सिंह और तत्कालीन सहायक महाप्रबंधक संतोष शर्मा द्वारा निर्माण गुणवत्ता में गंभीर लापरवाही बरती गई। 50 वर्ष की आयु के लिए बनाया गया ब्रिज चार वर्ष में ही क्षतिग्रस्त हो गया। दोनों अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, इसलिए उनकी पेंशन रोकने या वापस लेने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। वहीं वर्तमान में भोपाल में पदस्थ तत्कालीन सहायक महाप्रबंधक, जबलपुर आर.एस. चंदेल को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन में जवाब मांगा गया है।
दरअसल, इस मार्ग के निर्माण की जिम्मेदारी MPRDC के पास थी। पांच महीने पहले भी इसी ओवरब्रिज का एक हिस्सा गिर चुका था। उस समय विभाग ने ठेकेदार को एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट किया था। रविवार को दूसरा हिस्सा गिरने के बाद विभाग हरकत में आया और 24 घंटे के भीतर तकनीकी जांच के लिए टीम भेज दी गई।

MPRDC’s Action : गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल
रेलवे ओवरब्रिज का एक हिस्सा 22 फरवरी की शाम ढह गया था। इससे पहले 13 सितंबर 2025 को भी ब्रिज का एक भाग गिर चुका था। उस समय क्षतिग्रस्त हिस्से को मरम्मत के लिए बंद कर दिया गया था और दूसरे हिस्से से यातायात जारी रखा गया। विभाग ने वागड़ इन्फ्रा कंपनी को नोटिस भी दिया था और निर्माण गुणवत्ता खराब होने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया।
MPRDC’s Action : लोक निर्माण मंत्री का बयान
राष्ट्रीय राजमार्ग क्र. 12 के जबलपुर–हिरन नदी मार्गखंड के कि.मी. 28 पर स्थित आर.ओ.बी. की रिटेनिंग वॉल का क्षतिग्रस्त होना दुर्भाग्यपूर्ण है – ऐसा नहीं होना चाहिए था। नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। घटना के तुरंत बाद सड़क विकास निगम द्वारा मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर प्रारंभ कर…
— Rakesh Singh (@MPRakeshSingh) February 23, 2026
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि रेलवे ओवरब्रिज की रिटेनिंग वॉल का क्षतिग्रस्त होना दुर्भाग्यपूर्ण है। घटना के तुरंत बाद सड़क विकास निगम ने युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है और एक महीने के भीतर सुरक्षित यातायात बहाल कर दिया जाएगा। घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर FIR दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही है।





