by: vijay nandan
IndiaAI Mission : नई दिल्ली, भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर आयोजित वैश्विक सम्मेलन ‘AI इम्पैक्ट समिट 2026’ की शुरुआत सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। यह पांच दिवसीय कार्यक्रम शुक्रवार तक चलेगा, जिसमें कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष, नीति-निर्माता और प्रमुख टेक कंपनियों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

यह आयोजन भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और IndiaAI Mission की संयुक्त पहल है। इस वर्ष समिट की थीम रखी गई है, ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’, जिसका उद्देश्य एआई तकनीक को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है।
IndiaAI Mission : क्या है AI इम्पैक्ट समिट?
यह सम्मेलन एआई के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों, नई नीतियों और शोध पर केंद्रित है। इसमें सरकार, उद्योग, शिक्षाविद और स्टार्टअप एक मंच पर आकर विचार-विमर्श करेंगे।
#WATCH | India AI Impact Summit 2026 | Akash Ambani, Chairman, Jio, showcases the company’s AI-led transformation across healthcare, education, culture, and smart home solutions to honourable Prime Minister Narendra Modi at Jio AI Pavilion during the India AI Impact Summit 2026. pic.twitter.com/XKxJTmUYLS
— ANI (@ANI) February 16, 2026
IndiaAI Mission : समिट में क्या खास?
300 से अधिक एआई प्रोजेक्ट और इनोवेशन का प्रदर्शन
वैश्विक विशेषज्ञों द्वारा भविष्य की तकनीकी दिशा पर चर्चा
रिसर्च, रेगुलेशन और एथिक्स से जुड़े मुद्दों पर मंथन
आम लोगों के जीवन में एआई के उपयोग और प्रभाव पर संवाद
विदेश से आई डेलीगेट ने क्या कहा …
#WATCH | Delhi: India AI Impact Summit 2026 | Marine Collins Ragnet, AI Lead and Senior Researcher at NYU's Peace Research and Education Program (PREP) says, "It's incredible. I was saying it on the panel. think it's incredible that this is the first panel that's hosted in the… pic.twitter.com/BIiGuICBHq
— ANI (@ANI) February 16, 2026
सम्मेलन के जरिए भारत वैश्विक स्तर पर एआई में अपनी बढ़ती भूमिका को रेखांकित कर रहा है। इससे पहले वर्ष 2023 में एआई पर पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ब्रिटेन में आयोजित किया गया था। सरकार का मानना है कि इस आयोजन से न केवल तकनीकी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भारत एआई नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में भी उभरेगा।

IndiaAI Mission : संपादकीय नजरिया
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भविष्य केवल तकनीकी प्रगति का प्रश्न नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक बदलाव का भी संकेत है। हाल के वर्षों में पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और अब IndiaAI Mission जैसी पहलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत एआई को विकास की धुरी बनाना चाहता है।
भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी, विशाल डेटा संसाधन और तेज़ी से बढ़ता डिजिटल इकोसिस्टम है। स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और शासन में एआई का उपयोग आम नागरिकों के जीवन को आसान बना सकता है। टेलीमेडिसिन, स्मार्ट खेती और व्यक्तिगत शिक्षण जैसे क्षेत्रों में एआई क्रांति ला सकता है। हालांकि, चुनौतियाँ भी कम नहीं हैं। डेटा सुरक्षा, नैतिकता, रोजगार पर प्रभाव और डिजिटल असमानता जैसे मुद्दों पर गंभीर मंथन जरूरी है। यदि नीति-निर्माण संतुलित और समावेशी रहा, तो एआई भारत को वैश्विक नवाचार केंद्र बना सकता है। अंततः, एआई का भविष्य मशीनों से अधिक मानव-केंद्रित दृष्टिकोण पर निर्भर करेगा। तकनीक तभी सार्थक होगी, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
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