रिपोर्टर:- ऋषभ कुमार
Nawada बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को नवादा जिले के दौरे पर रहे, जहाँ उन्होंने सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘गंगाजल उद्वह योजना’ की प्रगति का बारीकी से निरीक्षण किया। सात निश्चय योजना के अंतर्गत “हर घर गंगाजल” पहुँचाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री मोतनाजे डैम पहुँचे। इस दौरान उन्होंने जल भंडारण और वितरण की व्यवस्थाओं को देखा और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
तीसरे चरण के कार्यों की समीक्षा और प्रशासनिक मुस्तैदी
Nawada मुख्यमंत्री का यह दौरा मुख्य रूप से योजना के तीसरे चरण के कार्यों पर केंद्रित था। उन्होंने मोतनाजे डैम परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का विस्तृत जायजा लिया और यह सुनिश्चित करने को कहा कि कार्य समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण हों। मुख्यमंत्री के आगमन पर नवादा के जिलाधिकारी रवि प्रकाश और पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान सहित कई वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों ने उनका स्वागत किया। सीएम ने स्थानीय प्रशासन के साथ बैठक कर जिले के अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा की।

सूखाग्रस्त दक्षिण बिहार के लिए ‘जीवनदायिनी’ बनी योजना
Nawada ‘गंगाजल उद्वह योजना’ बिहार सरकार की वह महत्वाकांक्षी पहल है जिसका उद्देश्य दक्षिण बिहार के उन शहरों की प्यास बुझाना है, जो पारंपरिक रूप से जल संकट और सूखे का सामना करते रहे हैं। इस परियोजना के माध्यम से गया, बोधगया, राजगीर और अब नवादा के शहरी क्षेत्रों में गंगा का शुद्ध जल पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक पहुँचाया जा रहा है। यह योजना न केवल पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी, बल्कि इससे क्षेत्र के भू-जल स्तर पर पड़ रहा दबाव भी कम होगा।

हथिदह से नवादा तक: पाइपलाइन का विशाल नेटवर्क
Nawada इस योजना की तकनीकी जटिलता और विशालता इसे विशेष बनाती है। पटना के मोकामा (हथिदह) से गंगाजल को लिफ्ट कर लगभग 151 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए नालंदा, गया और नवादा तक लाया जा रहा है। मोकामा के मरांची से पानी निकालकर उसे पाइपों के जाल के माध्यम से नवादा के जलाशयों तक पहुँचाया जाता है, जहाँ से इसे शुद्ध कर घरों में सप्लाई किया जाता है। यह परियोजना आधुनिक इंजीनियरिंग और जल प्रबंधन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो भविष्य में करोड़ों लोगों के लिए वरदान साबित होगी।





