Report: Ram Yadav
Raisen रायसेन जिले के बेगमगंज से एक झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ साधारण सी दिखने वाली पानी गर्म करने वाली इमर्शन रॉड एक मासूम बच्ची के लिए काल बन गई। हदाईपुर निवासी सुरेंद्र जैन की 5 वर्षीय पुत्री, स्वस्ति जैन, इस हादसे का शिकार हुई।
कैसे हुआ यह हादसा?
Raisen जानकारी के अनुसार, घर में बाल्टी में इमर्शन रॉड लगाकर पानी गर्म किया जा रहा था। इसी दौरान मासूम स्वस्ति हाथ धोने के लिए बाल्टी के पास पहुंची। जैसे ही उसने पानी को छुआ, वह रॉड के हाई-वोल्टेज करंट की चपेट में आ गई। बच्ची की चीख सुनकर परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और उसे बेसुध हालत में सिविल अस्पताल ले गए, लेकिन दुर्भाग्यवश डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम को लेकर पुलिस और परिजनों में तनाव
Raisen बच्ची की मृत्यु के बाद अस्पताल और पुलिस थाने में काफी गहमागहमी रही। परिजन मासूम का पोस्टमार्टम (PM) नहीं कराना चाहते थे और लिखित आवेदन देकर शव घर ले आए थे। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया और मर्ग कायम होने के कारण पुलिस ने पोस्टमार्टम को अनिवार्य बताया। जब परिजन अंतिम संस्कार के लिए श्मशान पहुंच चुके थे, तब पुलिस ने नियमों का हवाला देते हुए शव को वापस अस्पताल लाने को कहा। इसे लेकर थाने के सामने भीड़ भी जमा हुई, लेकिन पुलिस की समझाइश के बाद परिजनों ने सहयोग किया। अंततः पोस्टमार्टम के बाद शव को पलकमति श्मशान घाट में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
सुरक्षा के प्रति लापरवाही पड़ सकती है भारी
Raisen इस घटना ने एक बार फिर घरेलू उपकरणों के उपयोग में बरती जाने वाली सावधानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने अपील की है कि पानी गर्म करने वाली रॉड का उपयोग करते समय बच्चों को दूर रखें और स्विच बंद करने के बाद ही पानी का स्पर्श करें। छोटी सी असावधानी किसी हंसते-खेलते परिवार को ताउम्र का गम दे सकती है।





