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Madhya Pradesh : राज्य सरकार किसान, उद्योग और व्यापार को साथ लेकर तैयार कर रही है विकास का नया मॉडल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Madhya Pradesh

Madhya Pradesh इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में ‘ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन’ के तीन दिवसीय आयोजन ‘ग्रेन-एक्स इंडिया’ प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि मध्यप्रदेश अब देश का ‘फूड बॉस्केट’ बन चुका है। राज्य सरकार ने कृषि और खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) के क्षेत्र में प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है, जिसका मुख्य लक्ष्य किसानों की आय को दोगुना करना है।

Madhya Pradesh दलहन उद्योग के लिए टैक्स में राहत और बोनस की तैयारी

Madhya Pradesh मुख्यमंत्री ने दाल मिल उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने तुअर दाल से मंडी टैक्स हटा दिया है, जिससे दाल मिल मालिकों और उपभोक्ताओं दोनों को लाभ होगा। इसके साथ ही उड़द और मसूर पर भी इसी तरह की राहत देने पर विचार किया जा रहा है। दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार जल्द ही मसूर और उड़द की फसलों पर किसानों को बोनस देने की योजना भी तैयार करेगी। डॉ. यादव ने कहा कि शाकाहारी संस्कृति में दालें प्रोटीन का सबसे बड़ा स्रोत हैं और भारत दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक व उपभोक्ता है, जिसमें मध्यप्रदेश की भूमिका अहम है।

औद्योगिक विकास के लिए ‘मध्यप्रदेश मॉडल’ और प्रोत्साहन

Madhya Pradesh मुख्यमंत्री ने निवेशकों को मध्यप्रदेश आने का न्योता देते हुए कहा कि राज्य सरकार जमीन, मशीन और करों में छूट के माध्यम से उद्यमियों का हरसंभव सहयोग कर रही है। सरकार रोजगारपरक उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को 10 साल तक प्रति श्रमिक 5000 रुपये प्रति माह की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करा रही है। इसके साथ ही, मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति और रेल, रोड व हवाई कनेक्टिविटी का लाभ व्यापारियों को मिल सके, इसके लिए ‘एयर कार्गो’ के विकास पर जोर दिया जा रहा है। एमएसएमई (MSME) और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए संभाग स्तर पर ‘रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव’ का आयोजन किया जा रहा है।

कृषि विकास दर में अग्रणी और भविष्य का रोडमैप

Madhya Pradesh प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश की कृषि विकास दर वर्तमान में 16 प्रतिशत के करीब है और राज्य की जीडीपी में कृषि क्षेत्र का योगदान 39 प्रतिशत है। खाद्यान्न उत्पादन में प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। आगामी 5 वर्षों के लिए सरकार ने एक ठोस रोडमैप तैयार किया है, जिसके तहत राज्य के बजट को 15 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर से दोगुना करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि दाल मिल उद्यमियों, मशीन निर्माताओं और किसानों के साथ जल्द ही भोपाल में एक बड़ी कार्यशाला आयोजित की जाएगी ताकि समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।

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