संवाददाता- प्रताप सिंह बघेल
Morena मुरैना के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित कुशवाह कॉलोनी (जौरी गांव) में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक घर के बाहर जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूंज दूर तक सुनाई दी और आसपास के मकान हिल गए। इस हादसे में 35 वर्षीय मजदूर बीरेंद्र कुशवाह की जान चली गई। पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की शुरुआती जांच में मामला लकड़ी फाड़ने के लिए बारूद के अवैध इस्तेमाल की ओर इशारा कर रहा है।

घरेलू काम के दौरान हुआ जानलेवा विस्फोट
Morena मृतक बीरेंद्र कुशवाह पेशे से बोरिंग मजदूर था और अपने तीन बच्चों का भरण-पोषण करता था। शनिवार सुबह वह अपने घर के दरवाजे पर घरेलू ईंधन के लिए लकड़ियां फाड़ रहा था। इसी दौरान अचानक एक भीषण धमाका हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके के साथ लकड़ी के बड़े टुकड़े (चिथड़े) तीर की तरह बीरेंद्र की कमर और पेट में जा घुसे। विस्फोट के कारण वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा।

अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
Morena परिजनों ने आनन-फानन में घायल बीरेंद्र को जिला अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद ग्वालियर रैफर कर दिया। हालांकि, जख्म इतने गहरे थे कि ग्वालियर में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
फॉरेंसिक जांच: लकड़ी के टुकड़ों पर मिले बारूद के निशान
Morena घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ मौके पर पहुँचे। घटनास्थल का निरीक्षण करने पर पुलिस को लकड़ी के अवशेषों पर काले निशान और झुलसने के प्रमाण मिले हैं।
- पुलिस का अनुमान: अक्सर बड़ी और सख्त लकड़ियों को आसानी से फाड़ने के लिए मजदूर उनमें छेद करके गंधक-पोटैशियम (बारूद) भर देते हैं। पुलिस का मानना है कि बीरेंद्र भी संभवतः लकड़ी में बारूद भरकर उसे फाड़ने की कोशिश कर रहा था, तभी अनियंत्रित विस्फोट हो गया।
फिलहाल सिविल लाइन थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और विस्फोटक के प्रकार की पुष्टि के लिए सैंपल्स को लैब भेजा जा रहा है।
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