रिपोर्टर: विशाल दुबे
Ujjain उज्जैन-इंदौर सिक्सलेन परियोजना के तहत शांति पैलेस चौराहे पर ब्रिज निर्माण का कार्य चल रहा है। शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे पिलर पर लोहे का जाल बिछाने के दौरान झारखंड निवासी मजदूर अशोक का संतुलन बिगड़ गया। वह सरियों के बीच इस कदर फंसा कि लोहे के भारी जाल ने उसे पूरी तरह दबा दिया। पुलिस और बचाव दल ने मौके पर पहुँचकर गैस कटर की मदद से सरियों को काटकर उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

गैस कटर से सरिए काटकर किया गया रेस्क्यू
Ujjain हादसे के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही नीलगंगा थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँची। सरियों का जाल इतना मजबूत और भारी था कि बिना मशीनरी के मजदूर को निकालना असंभव था। तत्काल गैस कटर मंगाए गए और लोहे के जाल को काटकर अशोक को बाहर निकाला गया। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच सुरक्षा पर सवाल
Ujjain यह निर्माण कार्य ‘रवी इंफ्राबिल्ड प्रोजेक्ट्स लिमिटेड’ द्वारा किया जा रहा है। 1619 करोड़ रुपये की इस महापरियोजना का उद्देश्य सिंहस्थ 2028 के लिए इंदौर के अरबिंदो अस्पताल से उज्जैन के हरिफाटक ब्रिज तक मार्ग को चौड़ा करना है। हालांकि, इस हादसे ने निर्माण साइट पर सुरक्षा मानकों (Safety Norms) की पोल खोल दी है। सवाल उठ रहे हैं कि पिलर जैसी ऊँचाई पर काम करते समय मजदूरों के लिए सुरक्षा बेल्ट या नेट जैसे इंतजाम क्यों नहीं थे?
जांच के घेरे में निर्माण कंपनी
Ujjain पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक अशोक के साथ झारखंड से आए अन्य 14 मजदूर भी इसी साइट पर काम कर रहे हैं। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या कंपनी द्वारा सुरक्षा मानकों में कोई कोताही बरती गई है। वहीं, मजदूर संगठनों और परिजनों ने कंपनी से उचित मुआवजे और मृतक के शव को उसके गृह राज्य भेजने के लिए सहायता की मांग की है।





