Report: Vandna Rawat
Lucknow विनोद चौधरी द्वारा निर्मित और निर्देशित फिल्म ‘गोदान’ केवल एक चलचित्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और वैज्ञानिक चेतना का संगम है। फिल्म में ‘पंचगव्य से पंच परिवर्तन’ के सिद्धांत को प्रमुखता से दिखाया गया है, जो यह स्पष्ट करता है कि गाय केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए भी अनिवार्य है। फिल्म का उद्देश्य नई पीढ़ी को गाय के पौराणिक और वैज्ञानिक महत्व से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिली प्रेरणा
Lucknow फिल्म के निर्माता विनोद चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उत्तर प्रदेश में गोरक्षा के लिए किए गए अभूतपूर्व कार्यों ने उन्हें इस विषय पर फिल्म बनाने के लिए प्रेरित किया। उत्तर प्रदेश में गो-तस्करी पर सख्त कार्रवाई, 7500 से अधिक गो-आश्रय स्थलों का निर्माण और 12 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश का संरक्षण मुख्यमंत्री के विजन का ही परिणाम है। इन्हीं जमीनी सुधारों को देखते हुए निर्माता ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और फिल्म का ट्रेलर उनके हाथों लॉन्च करवाया।
युवा पीढ़ी के लिए वैज्ञानिक संदेश
Lucknow फिल्म में यह संदेश दिया गया है कि गाय हमारी सांस्कृतिक आत्मा है। निर्माता ने अफसोस जताया कि आज की पीढ़ी दूध न देने पर गाय को निराश्रित छोड़ देती है। फिल्म के माध्यम से यह बताया गया है कि गाय के सान्निध्य मात्र से मानसिक शांति और रक्तचाप जैसे रोगों में लाभ मिलता है। निर्माताओं ने मुख्यमंत्री से अपेक्षा की है कि इस सामाजिक संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए फिल्म को टैक्स-फ्री किया जाए, ताकि अधिक से अधिक परिवार और विद्यार्थी इसे देख सकें।
6 फरवरी को देशभर में होगी रिलीज
Lucknow 6 फरवरी को रिलीज होने वाली इस फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के अवसर पर प्रचार प्रमुख शांतनु शुक्ला और यथार्थ हॉस्पिटल के सीएमडी डॉ. कपिल त्यागी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने भी फिल्म की सराहना करते हुए इसे कृषि, प्रकृति और मानव जीवन के लिए एक बड़ा संदेश बताया। उन्होंने समाज के हर वर्ग से सपरिवार इस फिल्म को देखने की अपील की है।
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