रिपोर्ट – प्रेमपाल सिंह
Firozabad: शिक्षा और छात्र हितों के मुद्दे पर फिरोजाबाद की सड़कों पर भारी जनाक्रोश देखने को मिला। छात्र हित संरक्षण संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर सैकड़ों छात्रों, सवर्ण संगठनों और करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकालकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सुप्रीम कोर्ट के स्थगन (स्टे) के बावजूद, प्रदर्शनकारी इस बिल को जड़ से खत्म करने की मांग पर अड़े रहे।
विधायक आवास पर जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन
Firozabad प्रदर्शनकारियों का विशाल जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ टूंडला से भाजपा विधायक प्रेमपाल सिंह धनगर के आवास पर पहुँचा। यहाँ प्रदर्शनकारियों ने विधायक आवास का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। आक्रोशित छात्रों और संगठनों ने न केवल यूजीसी बिल का विरोध किया, बल्कि सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ भी अपनी नाराजगी जाहिर की। भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और मौके पर पुलिस बल मुस्तैद रहा।

यूजीसी बिल को बताया ‘छात्र विरोधी’
Firozabad प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि यूजीसी बिल छात्रों के मौलिक अधिकारों का हनन करता है। विधायक को सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि:
- यह बिल भविष्य की शिक्षा व्यवस्था को नकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा।
- सुप्रीम कोर्ट का स्टे अस्थाई राहत है, जबकि छात्र इसे पूर्णतः वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
- सवर्ण संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों के हितों से समझौता किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ पैदल मार्च
Firozabad सैकड़ों की तादाद में मौजूद भीड़ के बावजूद पूरा प्रदर्शन अनुशासित और शांतिपूर्ण रहा। करणी सेना और अन्य संगठनों के पदाधिकारियों ने विधायक को अपनी मांगों का पत्र सौंपा और उनसे इस मुद्दे को शासन तक पहुँचाने का आग्रह किया। विधायक प्रेमपाल सिंह धनगर ने प्रदर्शनकारियों की बातों को सुना और ज्ञापन स्वीकार करते हुए उचित माध्यम से सरकार तक बात पहुँचाने का आश्वासन दिया।
Read this: Anuppur: पत्रकारों पर अभद्र टिप्पणी कर सुर्खियों में एएसआई विपुल शुक्ला, एसपी ने दिए जांच के आदेश





