संवाददाता- प्रताप सिंह बघेल
Morena: भू-माफियाओं और अवैध अतिक्रमणकारियों के खिलाफ मुरैना जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाहियों में से एक को अंजाम दिया है। जिले के सैमई गांव में प्रशासनिक अमले ने करोड़ों की सरकारी जमीन को दबंगों के चंगुल से मुक्त कराते हुए प्रशासन का सख्त रुख स्पष्ट कर दिया है।
सीमेंट फैक्ट्री की जमीन पर किसानों का अवैध कब्जा
Morena मामला कैलारस तहसील के सैमई गांव का है। यहाँ लगभग 85 बीघा सरकारी जमीन करीब 25 साल पहले एक सीमेंट फैक्ट्री की स्थापना के लिए आवंटित की गई थी। लेकिन जैसे ही फैक्ट्री बंद हुई और वहां से हटी, स्थानीय किसानों ने मौके का फायदा उठाकर इस बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया। वर्षों से इस सरकारी भूमि पर खेती की जा रही थी और हाल ही में इस पर सरसों की फसल लहलहा रही थी।

जेसीबी और ट्रैक्टरों से नष्ट की गई फसल
Morena कलेक्टर के कड़े निर्देशों के बाद राजस्व विभाग और पुलिस बल की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए जेसीबी और ट्रैक्टरों की मदद से पूरी जमीन पर खड़ी सरसों की फसल को नष्ट कर दिया। मुक्त कराई गई इस 85 बीघा जमीन की बाजार में वर्तमान कीमत लगभग 17 करोड़ रुपये आंकी गई है। कार्यवाही के दौरान किसी भी विरोध की स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

भविष्य में ‘गोचर’ के रूप में विकसित होगी भूमि
Morena सफलतापूर्वक अतिक्रमण हटाने के बाद प्रशासन अब इस जमीन के संरक्षण की योजना बना रहा है। तहसीलदार नरेश शर्मा के अनुसार, इस मुक्त कराई गई भूमि को सार्वजनिक हित में उपयोग करने की तैयारी है। इसके लिए जमीन को ‘गोचर’ (मवेशियों के चरने की भूमि) घोषित करने का एक औपचारिक प्रस्ताव जिला कलेक्टर को भेजा जा रहा है, ताकि भविष्य में इस पर दोबारा अतिक्रमण न हो सके।
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