Report: Rajesh goyal
Dhanbad : ग्रामीण भारत में शिक्षा और संस्कारों की अलख जगाने वाले ‘एकल अभियान’ ने आज धनबाद में एक प्रेस वार्ता के माध्यम से अपने आगामी वृहद कार्यक्रमों की घोषणा की। श्रद्धेय मदनलाल अग्रवाला जी की 103वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल खेलकूद को बढ़ावा देगा, बल्कि सुदूर गांवों की सांस्कृतिक प्रतिभा को भी मुख्यधारा से जोड़ेगा।

खेल और स्वास्थ्य का संगम: ‘एकल दौड़’ का रूट और पुरस्कार
Dhanbad आगामी 1 फरवरी को सुबह 6:30 बजे धनबाद क्लब के प्रांगण से ‘एकल दौड़’ का शंखनाद होगा। कार्यक्रम का उद्घाटन धनबाद विधायक श्री राज सिन्हा, ईसीएल के जीएम (फाइनेंस) श्री श्याम सुंदर गुप्ता और आईआईटी-आईएसएम के डिप्टी डायरेक्टर प्रोफेसर धीरज कुमार के कर-कमलों द्वारा किया जाएगा।
- दौड़ का मार्ग: यह दौड़ धनबाद क्लब से शुरू होकर रणधीर वर्मा चौक, डीआरएम ऑफिस, पूजा टॉकीज, श्रमिक चौक और बैंक मोड़ होते हुए राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर पर समाप्त होगी।
- प्रतिभागी वर्ग: प्रतियोगिता को दो श्रेणियों (12-18 वर्ष और 18 वर्ष से ऊपर) में बांटा गया है।
- पुरस्कार: विजेताओं के लिए ₹5100, ₹3100 और ₹2100 की प्रोत्साहन राशि तय की गई है। साथ ही, सभी प्रतिभागियों को टी-शर्ट, कैप और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में CSIR-CIMFR के डायरेक्टर श्री ए.के. मिश्रा और विशिष्ट अतिथि के रूप में एमपीएल के श्री दिनेश गंगवाल मौजूद रहेंगे।
सांस्कृतिक सशक्तिकरण: ‘भारत के रंग एकल के संग’
Dhanbad 1 फरवरी की संध्या को एक विशेष सांस्कृतिक महोत्सव ‘एकल सुरताल’ का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त एकल सुरताल टीम द्वारा प्रस्तुत ‘रामायण’ होगी।
- प्रतिभा प्रदर्शन: यह मंच उन ग्रामीण और आदिवासी बच्चों की कला को समर्पित है, जिन्होंने महीनों तक संगीत, नृत्य और नाट्य कला का कठोर प्रशिक्षण लिया है।
- उद्देश्य: इस आयोजन का मूल लक्ष्य वंचित क्षेत्रों में एकल-शिक्षक विद्यालयों (एकल विद्यालय) के प्रति जागरूकता फैलाना और शिक्षा के माध्यम से ग्रामीण सशक्तिकरण को प्रदर्शित करना है। यह कार्यक्रम लोक नृत्य और देशभक्ति गीतों के माध्यम से ‘भारत के रंग’ को जीवंत करेगा।
श्रद्धेय मदन बाबू का विजन: एक लाख विद्यालयों का विशाल नेटवर्क

Dhanbad स्वर्गीय मदनलाल अग्रवाला जी को याद करते हुए वक्ताओं ने बताया कि कैसे उन्होंने धनबाद की कोयलांचल धरती से शिक्षा की जो मशाल जलाई थी, वह आज पूरे विश्व में विख्यात है। उन्होंने न केवल सामाजिक और शैक्षणिक संस्थाओं की नींव रखी, बल्कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के माध्यम से समाज सेवा को नया आयाम दिया।
- वर्तमान प्रभाव: वर्तमान में पूरे भारत में 1 लाख से अधिक एकल विद्यालय संचालित हैं, जहाँ लगभग 30 लाख विद्यार्थी आरोग्य, विकास, जागरण और संस्कार शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
- समर्पित टीम: इस विशाल अभियान को सफल बनाने में 1 लाख से अधिक शिक्षक और 12,500 से ज्यादा सेवावर्ती कार्यकर्ता दिन-रात जुटे हुए हैं।
Dhanbad प्रेस वार्ता में अजय अग्रवाल, अनुराधा अग्रवाल, बसंत हेलीवाल, रोहित प्रसाद और एकल अभियान के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने समाज के हर वर्ग से इस पुनीत कार्य में जुड़ने की अपील की।
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