BY
Yoganand Shrivastava
Dehli :बजट 2026: टैक्स स्लैब और कस्टम ड्यूटी में बड़े बदलाव की तैयारी, आम आदमी को मिल सकती है राहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को लगातार अपना 9वां बजट पेश करने जा रही हैं। इस बजट से उद्योग जगत और आम करदाताओं को काफी उम्मीदें हैं। मुख्य फोकस अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने, टैक्स प्रक्रियाओं को सरल बनाने और मध्यम वर्ग को राहत देने पर रहने की संभावना है।
टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत: स्टैंडर्ड डिडक्शन और सरल TDS
Dehli व्यक्तिगत करदाताओं के लिए यह बजट सुखद खबर ला सकता है। सरकार स्टैंडर्ड डिडक्शन (मानक कटौती) की सीमा को और बढ़ाने पर विचार कर रही है, ताकि मध्यम वर्ग के हाथ में अधिक पैसा बच सके।
- नया आयकर अधिनियम 2025: 1 अप्रैल से लागू होने वाले इस नए एक्ट के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए जा सकते हैं।
- TDS सरलीकरण: वर्तमान में टीडीएस की कई श्रेणियां और अलग-अलग दरें हैं। सरकार इन्हें घटाकर प्रक्रियाओं को आसान बना सकती है।
- नई टैक्स व्यवस्था: नई टैक्स व्यवस्था को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कुछ नए प्रोत्साहनों की घोषणा संभव है।
व्यापार और उद्योग: कस्टम ड्यूटी में सुधार की उम्मीद
Dehli अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए सरकार सीमा शुल्क (Custom Duty) के ढांचे में जीएसटी की तर्ज पर बड़े सुधार कर सकती है।
- विवाद समाधान: सीमा शुल्क विवादों में फंसे लगभग 1.53 लाख करोड़ रुपये को निकालने के लिए एक विशेष ‘माफी योजना’ (Amnesty Scheme) लाई जा सकती है।
- सेक्टर राहत: एमएसएमई (MSME), रत्न-आभूषण और चमड़ा जैसे रोजगार प्रधान उद्योगों को विशेष रियायतें मिलने की उम्मीद है।
- महत्वपूर्ण खनिज: लिथियम और कोबाल्ट जैसे खनिजों के खनन और प्रोसेसिंग के लिए अलग से बजट आवंटित किया जा सकता है।
सरकारी कर्मचारी और ग्रामीण विकास पर फोकस
Dehli बजट में सरकारी कर्मचारियों और ग्रामीण भारत के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणाएं हो सकती हैं:
- 8वां वेतन आयोग: उम्मीद है कि 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाले 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक घोषणा इस बजट में हो जाए।
- रक्षा और बुनियादी ढांचा: वैश्विक तनाव को देखते हुए रक्षा बजट में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।
- रोजगार और आजीविका: ग्रामीण क्षेत्रों के लिए केंद्र और राज्यों की भागीदारी वाली नई योजना ‘विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन’ की शुरुआत की जा सकती है।





